शहर

भरूच ACB का बड़ा एक्शन, जब्त मोबाइल लौटाने के बदले मांग रहे थे 3 लाख की घूस, तीन पुलिसकर्मी 1 लाख रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

Panoli Police Station Bribery Case: गुजरात के भरूच में एसीबी की बड़ी कार्रवाई। पानोली थाने के तीन पुलिसकर्मियों को ₹1 लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ किया गिरफ्तार। जब्त मोबाइल वापस करने के एवज में मांगी थी ₹3 लाख की घूस।

Image

भरूच ACB का बड़ा एक्शन, जब्त मोबाइल लौटाने के बदले मांग रहे थे 3 लाख की घूस, तीन पुलिसकर्मी 1 लाख रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

Bharuch ACB Trap Today: गुजरात के भरूच जिले से खाकी को दागदार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पानोली पुलिस स्टेशन के तीन पुलिसकर्मियों को ₹1 लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा है। इन पुलिसकर्मियों ने एक आरोपी से उसका जब्त किया गया मोबाइल फोन वापस करने के एवज में ₹3 लाख की भारी-भरकम घूस मांगी थी।

क्या है पूरा मामला?

ACB से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के खिलाफ पूर्व में पानोली पुलिस स्टेशन में प्रोहिबिशन एक्ट (शराबबंदी कानून) के तहत एक मामला दर्ज किया गया था। इस मामले के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन जब्त कर लिया था।

जब शिकायतकर्ता कोर्ट से जमानत पर रिहा होकर बाहर आया, तो उसने अपना जब्त मोबाइल वापस मांगा। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मोबाइल लौटाने के बदले ₹3 लाख की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता द्वारा इतनी बड़ी रकम एक साथ देने में असमर्थता जताने पर आरोपियों ने इसे तीन अलग-अलग किश्तों (₹1-1 लाख) में लेना स्वीकार किया।

ACB ने 'D-स्टाफ चैंबर' के सामने बिछाया जाल

शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने सीधे भरूच एसीबी (ACB) से संपर्क कर मामले की शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत के आधार पर एसीबी की टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक, जैसे ही शिकायतकर्ता रिश्वत की पहली किश्त के ₹1 लाख देने पानोली पुलिस स्टेशन के सामने स्थित 'डी' स्टाफ चैंबर पहुंचा और उसने आरोपियों को पैसे सौंपे, पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने तीनों पुलिसकर्मियों को रंगेहाथ धर दबोचा।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

-अनिरुद्ध धाधल (असिस्टेंट हेड कॉन्स्टेबल)

-जयदीपसिंह परमार (असिस्टेंट हेड कॉन्स्टेबल)

-सागर चावड़ा (पुलिस कॉन्स्टेबल)

एसीबी ने तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसी अब केवल इस घूसकांड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आरोपियों के बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों, आय के स्रोतों और संभावित बेनामी संपत्तियों की भी गहनता से जांच कर रही है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ा author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

End of Article