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Begusarai News: बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करों का आतंक, दारोगा को कार से कुचलकर उतारा मौत के घाट

बिहार में शराबबंदी के बीच तस्करों का खुलेआम आतंक जारी है। मंगलवार की रात बेगूसराय में शराब तस्करों ने कार से कुचलकर एक दारोगा की जान ले ली।

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बेगूसराय में शराब तस्करों ने दारोगा को रौंदा

बेगूसराय: बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करी जारी है। तस्कर ना सिर्फ अवैध तरीके से धंधा कर रहे हैं बल्कि, पुलिस के लिए भी खतरा बने हुए हैं। बेखौफ तस्कर पुलिस पर हमला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। मंगलवार की रात शराब तस्करों ने कार से कुचलकर बेगूसराय में एक दारोगा को मौत के घाट उतार दिया। वहीं, होमगार्ड का एक जवान बुरी तरह घायल है।

शराब की खेप पकड़ने गए थे दारोगा

मामला नावकोठी थाना क्षेत्र के छतौना पुल का बताया जा रहा है। मृतक दारोगा की पहचान नावकोठी थाने में पदस्थापित खमास चौधरी के रूप में की गई है। घायल सिपाही की पहचान होमगार्ड जवान बालेश्वर यादव के रूप में की गई है। दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि एक कार से शराब की बड़ी खेप लाई जा रही है। लिहाजा, सूचना पर दारोगा खमास चौधरी दलबल के साथ छतौना पुल के नजदीक खड़े होकर कार का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही कार पहुंची तो उन्होंने रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने तेजी के साथ स्पीड में बढ़ा दी। इस घटना में सड़क पर खड़े समास चौधरी चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस दौरान होमगार्ड के एक जवान को भी चोट लगी है।

ऐसे दिया घटना को अंजाम

बेखौफ तस्करों का आतंक देख अन्य पुलिस के जवानों ने इधर-उधर भाग कर अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कार के मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हालांकि, कार अभी भी बरामद नहीं की जा सकी है। घायल होमगार्ड के बालेश्वर यादव के मुताबिक, दारोगा पुलिस के साथियों के साथ रात्रि गश्ती में थे। इसी दौरान सूचना मिली कि शराब तस्कर छतौना पुल की तरफ से शराब लेकर निकलेंगे। दारोगा खमास चौधरी के साथ पुल पर पुलिस टीम जांच करने लगी। इसी बीच एक कार आ रही थी। उसे रोकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने रफ्तार तेज कर दी और दारोगा को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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