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Bareilly-Ludhiana Expressway: बरेली से लुधियाना तक सफर होगा आसान, नए एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरेंगी गाड़ियां

Bareilly Ludhiana Expressway: बरेली-लुधियाना एक्सप्रेसवे पर जल्द ही गाड़ियां फर्राटा भरेंगी। इस एक्सप्रेसवे से उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई जिलों को लाभ मिलने वाला है। जानिए इस एक्सप्रेसवे से जुड़े तमाम अपडेट्स और अन्य जानकारियां।

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बरेली लुधियाना एक्सप्रेसवे।

Photo : Times Now Digital

Bareilly-Ludhiana Expressway: देशभर में एक्सप्रेसवे और हाईवे का जाल बुना जा रहा है, जिससे शहरों की दूरी तो घट ही रही है, बल्कि सफर भी सुहाने हो रहे हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको बरेली लुधियाना इकोनॉमिक कॉरिडोर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बरेली-लुधियाना एक्सप्रेसवे (Bareilly-Ludhiana Expressway) के नाम से जाना जाता है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से यूपी के बलिया से पंजाब के लुधियाना की दूरी काफी ज्यादा कम हो जाएगी और इसका लाभ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई जिलों को मिलने जा रहा है। आइए इस एक्सप्रेसवे से जुड़ी तमाम जानकारियों पर नजर डालते हैं।

बरेली-लुधियाना एक्सप्रेसवे- लंबाई और लेन

बरेली लुधियाना एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 450 किलोमीटर होगी। बरेली-लुधियाना एक्सप्रेसवे छह लेन का एक्सप्रेसवे होगा। बरेली-लुधियाना एक्सप्रेसवे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अपनी मंजूरी दे दी है। ये तीन राज्यों- उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब को जोड़ेगा।

भारतमाला प्रोजेक्ट में शामिल

बरेली लुधियाना एक्सप्रेसवे भारतमाला प्रोजेक्ट में शामिल है। यह भारतमाला परियोजना फेज-2 कार्यक्रम के तहत विकसित किया जा रहा है। बता दें कि करीब 122 किलोमीटर लंबी शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे इस परियोजना इसका एक हिस्सा है, जिसे भविष्य में पूर्वी यूपी में बरेली से गोरखपुर तक बढ़ाया जाएगा।

एक्सप्रेसवे से जुड़ी खास बातें

अनुमानित लागत15,000 करोड़ रुपये
परियोजना की लंबाई450 किलोमीटर
ग्रीनफील्ड सेक्शन360 किलोमीटर
लेनछह
वर्तमान स्थितिभूमि अधिग्रहण
समयसीमामार्च 2026
प्रोजेक्ट मॉडलईपीसी

बरेली-लुधियाना एक्सप्रेसवे से जुड़ी अन्य जानकारी

  • बरेली से शामली तक 220 किमी (ग्रीनफील्ड)
  • शामली से अंबाला तक 121.78 किमी (ग्रीनफील्ड)
  • अंबाला से लुधियाना तक NH-44 का 90 किमी खंड (ब्राउनफील्ड अपग्रेडेशन)

बता दें कि बरेली-लुधियाना एक्सप्रेसवे बनने की समयसीमा मार्च 2026 तक है। फिलहाल भूमि अधिकग्रहण की प्रक्रिया हो रही है। इसके पूरा होते ही अगला काम शुरू हो जाएगा। एक्सप्रेसवे के बन जाने से दोनों शहरों के बीच कई किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी।

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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