Sep 10, 2026

नोटबुक में लगने वाला कागज कितने GSM का होता है?

Varsha Kushwaha

​कागज का निर्माण​



​सभी यह जानते हैं कि कॉपियों में लगने वाला कागज लड़की से बनता है। लेकिन इसमें सवाल यह है कि क्यों कागज को जीएसएम के आधार पर खरीदा जाता है।


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​जीएसएम क्या है? ​

GSM का मतलब 'Grams per Square Meter' जो कागज के वजन और मोटाई को मापने की मानक इकाई है।

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​नोटबुक के पेपर का जीएसएम​



​साधारण कॉपियों/रजिस्टरों में 58 GSM से 70 GSM के कागज का उपयोग किया जाता है।


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​प्रीमियम नोटबुक का जीएसएम​



​अच्छी गुणवत्ता वाली क्लासवर्क कॉपियों, जेल पेन फ्रेंडली रजिस्टरों और ब्रांडेड डायरियों में 70 GSM से 80 GSM का कागज इस्तेमाल होता है।


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​ड्राइंग और स्केच बुक्स​



​ड्राइंग कॉपियों या स्केच बुक्स के लिए 100 GSM से 150 GSM तक का मोटा कागज इस्तेमाल किया जाता है ताकि वाटर कलर या इंक का फैलाव न हो।


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​GSM और मोटाई का संबंध​



​कागज का GSM जितना अधिक होता है, पन्ना उतना ही मोटा, मजबूत और भारी होगा, जबकि कम GSM का पन्ना पतला और पारदर्शी होता है।


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​स्याही के फैलाव से बचाव​



​70 या उससे अधिक GSM के कागज पर जेल पेन, फाउंटेन पेन या स्केच पेन से लिखने पर स्याही पन्ने के पीछे नहीं छपती। इसलिए नोटबुक में इसका इस्तेमाल किया जाता है।


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​बॉलपेन और पेंसिल के लिए उपयुक्त​



​साधारण बॉलपॉइंट पेन और पेंसिल से लिखने के लिए 58 GSM से 65 GSM का कागज बिल्कुल उपयुक्त और किफायती माना जाता है।


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​मानक और गुणवत्ता​



​भारतीय मानक ब्यूरो के दिशा-निर्देशों के अनुसार शैक्षणिक कॉपियों में कम से कम 58 GSM के मानक कागज का प्रयोग अनिवार्य माना जाता है।



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