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Ayodhya Ram Mandir: खत्म हुआ 500 साल का वनवास! फिर से लौटा सम्मान, सूर्यवंशी ठाकुर समुदाय के सिर पर सजी पगड़ी

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में सरायरासी गांव के सूर्यवंशी ठाकुर समुदाय की 500 साल पुरानी शपथ पूरी हो गई है। इन लोगों ने राम मंदिर के फिर से निर्माण को लेकर प्रतिज्ञा ली थी। जिसके बाद इन लोगों ने 500 साल बाद फिर से पगड़ी और जूते पहने हैं।

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500 साल बाद पहनी पगड़ी (फोटो साभार - ANI)

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर बनने के साथ ही सरायरासी गांव के लोगों का सालों पुराना सपना साकार हो गया है। इस गांव के सूर्यवंशी ठाकुर समुदाय के लोगों की 500 साल पुरानी प्रतिज्ञा अब पूरी हो गई है। लंबे इंतजार के बाद फिर से इन लोगों के सिर पर पगड़ी और पैर में चमड़े के जूते सजे हैं। इस समुदाय के लोग खुद को राम के वंशज बताते हैं और 500 साल पहले इन लोगों ने फिर से राम मंदिर निर्माण को लेकर शपथ ली थी, जब अब पूरी हो गई है।

इस वजह से ली थी प्रतिज्ञा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सूर्यवंशी ठाकुर समुदाय के लोगों ने बताया कि बाबर के सेनापति मीर बांकी ने 500 साल पहले राम मंदिर को नष्ट कर दिया। जिसके बाद इस समुदाय के लोगों ने 90 हजार क्षत्रियों को इकट्ठा करके मुगलों से युद्ध किया। छह दिन तक चले इस युद्ध में सभी क्षत्रिय शहीद हो गए। इस युद्ध से पहले समुदाय के लोगों ने सूर्य देवता के मंदिर में जाकर कसम खाई कि जब तक इस जगह पर दोबारा मंदिर नहीं बनेगा, तब तक ये लोग सिर पर पगड़ी, पैर में चमड़े के जूते नहीं पहनेंगे और छाता का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

500 साल बाद धारण किए पगड़ी-जूते

सूर्यवंशी ठाकुर समुदाय के लोगों की 500 साल पुरानी यह शपथ पूरी हो गई है। मंदिर अपने स्थान पर बन गया, जिसके बाद अब इन लोगों ने फिर से सिर पर पगड़ी धारण कर ली है। 22 जनवरी को राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह है। यह समुदाय इस दिन को जश्न के साथ मनाएगा। इस दिन ये लोग होली-दिवाली एक साथ मनाने वाले है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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