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राजस्थान विधानसभा को फिर मिली बम की धमकी; गहलोत बोले- सुरक्षा व्यवस्था का बन रहा मजाक, अपराधियों के हौसले हो रहे बुलंद

राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की ताजा धमकी ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना को कानून-व्यवस्था की विफलता बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है।

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अशोक गहलोत का राजसथान सरकार पर वार

Photo : PTI

Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की फिर धमकी मिलने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने तीखा हमला करते हुए शुक्रवार को कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था का मजाक बन रहा है। गहलोत ने आरोप लगाया कि अपराधियों के मन से "कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।" पुलिस के अनुसार राजस्थान विधानसभा को शुक्रवार को बम से उड़ाने की धमकी भरा एक ईमेल मिला, जिसके बाद पुलिस ने विधानसभा परिसर की गहन तलाशी ली पर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का बन रहा मजाक

गहलोत ने एक बयान में कहा, "राजस्थान की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का जिस तरह से मजाक बन रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राजस्थान विधानसभा को फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलना कोई सामान्य बात नहीं है। अभी कुछ ही दिन पहले भी ऐसी धमकी मिली थी।" उन्होंने कहा, "विधानसभा जैसे लोकतंत्र के मंदिर को बार-बार निशाना बनाया जाना यह बताता है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं और उनके मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।"

मुख्यमंत्री को कई बार मिल चुकी धमकी

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "खुद मुख्यमंत्री को कई बार धमकी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री केवल एक पार्टी के नहीं, बल्कि सभी के हैं, इसलिए उन्हें इस तरह धमकी मिलना सभी के लिए चिंता का विषय है।" उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय, जिलाधिकारी कार्यालय और अन्य सरकारी कार्यालयों को मिल रही धमकियां जनता के मन में असुरक्षा का भाव पैदा कर रही हैं।

आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, "जब विधानसभा, उच्च न्यायालय और जिलाधिकारी कार्यालय जैसे अति संवेदनशील स्थानों एवं मुख्यमंत्री जैसी प्रमुख हस्ती को अपराधी सरेआम चुनौती दे रहे हों तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा, यह समझा जा सकता है।" उन्होंने कहा, "करीब छह महीने से इस तरह का सिलसिला जारी है, लेकिन अभी तक मुख्य अपराधी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां और सरकार इस नेटवर्क को तोड़ने में सफल नहीं हो पा रही हैं।" गहलोत ने कहा, "मुख्यमंत्री को खुद इस पर संज्ञान लेना चाहिए और पुलिस प्रशासन को सख्त हिदायत देनी चाहिए कि इन धमकियों के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि जनता के बीच सुरक्षा का भरोसा फिर से बहाल हो सके।"

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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