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त्रेता युग में यहीं किया था शत्रुघ्न ने लवणासुर का वध, आज है दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर; जानें इसका नाम

भारत में ऐसे कई स्थान हैं, जो रामायण से जुड़ी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को संजोए हुए हैं। इन्हीं में एक शहर ऐसा भी है, जो शत्रुघ्न द्वारा लवणासुर वध की कथा से जुड़ा होने के साथ-साथ आज प्रदूषण के कारण चर्चा में है।

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रामायण से जुड़ा है दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर का इतिहास (AI इमेज)

World Most Polluted City: त्रेता युग वह समय था जब भगवान राम ने लंका के राजा रावण का वध करके धर्म की स्थापना की थी। रामायण में मर्यादा पुरुषोत्तम रघुनंदन की जीवन यात्रा का वर्णन मिलता है। आज युगों बाद भी रामायण को उतनी ही आस्था और भक्ति के साथ गाया, सुना, पढ़ा और कहा जाता है। भारत में रामायण से जुड़ी कई धरोहरें मौजूद हैं। इन्हीं में से एक ऐसी जगह है जो भगवान राम के सबसे छोटे भाई शत्रुघ्न से जुड़ी है। ऐसी मान्यता है कि, इसी जगह पर उन्होंने लवणासुर नामक राक्षस का वध किया था। हाल ही के आंकड़ों के अनुसार, इस शहर को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया है। ऐसे में आइए जानें इस शहर का नाम और इससे जड़ें कुछ दिलचस्प तथ्य।

यह है शहर का नाम

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थित लोनी का इतिहास अत्यंत प्राचीन और विविधताओं से भरा हुआ है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम के छोटे भाई शत्रुघ्न ने इसी क्षेत्र में लवणासुर नामक राक्षस का अंत किया था। वहीं, कुछ इतिहासकारों का मानना है कि यह इलाका लोन्न करण नामक शासक के अधीन था, जिसने यहां एक किले का निर्माण कराया था। बाद में वर्ष 1789 के आसपास मोहम्मद शाह के आदेश पर इस किले को नष्ट कर दिया गया। लोनी नाम की उत्पत्ति को लेकर भी अलग-अलग मत प्रचलित हैं। कुछ लोग इसे यहां के खारे (लवणीय) पानी से जोड़ते हैं।

सम्राट पृथ्वीराज चौहान के था अधीन

इतिहासकारों के अनुसार, 12वीं शताब्दी में चौहान वंश के सम्राट पृथ्वीराज चौहान के शासनकाल में लोनी उनके राज्य का हिस्सा था। उन्होंने अपने समय में प्राचीन किलों, जैसे सम्राट समुद्रगुप्त से जुड़े किले और कोट वंशीय दुर्ग का पुनर्निर्माण करवाया था, जिनके अवशेष आज भी यहां देखे जा सकते हैं। बाद में अफगान शासक तैमूर ने जब भारत के उत्तरी हिस्से पर आक्रमण किया और दिल्ली सल्तनत को निशाना बनाया, तब उसने लोनी के इस ऐतिहासिक किले को लूटकर ध्वस्त कर दिया।

मुगल काल की विरासत

मुगल काल की विरासत भी लोनी में आज तक दिखाई देती है। यहां उस दौर में बनाए गए तीन प्रमुख बाग जैसे अरजनी बाग, अलदीपुर बाग और रानप बाग का जिक्र मिलता है। अरजनी और अलदीपुर बाग का निर्माण मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर की बेगम जीनत महल ने करवाया था। बाद में अंग्रेजों ने इन बागों पर कब्जा कर इन्हें मेरठ के शेख इलाही बख्श को बेच दिया, जबकि तीसरा बाग समय के साथ आम लोगों द्वारा धीरे-धीरे नष्ट हो गया।

यहीं हुआ था लवणासुर का वध

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लोनी में लवणासुर नामक राक्षस का आतंक था, जो साधु-संतों को परेशान करता था। उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान परशुराम ने शत्रुघ्न से सहायता मांगी, जिसके बाद शत्रुघ्न ने लवणासुर का वध कर इस क्षेत्र को उसके भय से मुक्त कराया। पौराणिक तथ्यों के मुताबिक, लवणासुर ने मथुरा (मधुपुरी) पर शासन किया।

दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर

आईक्यूएयर की वर्ष 2025 की वैश्विक वायु गुणवत्ता रिपोर्ट में 143 देशों के 9,400 से अधिक शहरों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया। इस विश्लेषण में सामने आया कि लोनी में पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 का वार्षिक औसत स्तर 112.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तय सुरक्षित सीमा से करीब 22 गुना ज्यादा है। यह आंकड़ा कागजों पर काफी गंभीर दिखाई देता है, लेकिन जमीनी हकीकत में लोनी में सामान्य स्थिति बनी हुई है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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