Anand Dubey Resignation: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के राष्ट्रीय प्रवक्ता और जाने-माने नेता आनंद दुबे ने पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देते हुए आनंद दुबे ने बेहद तीखे और भावुक शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर की है। पार्टी छोड़ने का ऐलान करते हुए आनंद दुबे ने कहा कि वे पिछले काफी समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए लिख कि बहुत ही भारी मन से UBT से इस्तीफा दे रहा हूं। पिछले कई महीनों से मैं घुट रहा था, तड़प रहा था। मैंने हमेशा हिंदुहृदय सम्राट को अपना आदर्श माना। मैं कांग्रेस में भी रहा, लेकिन 2019 में शिवसेना से जुड़ा और 2021 में UBT का प्रवक्ता बना।
"मेरी बोगी में बहुत से तिलचट्टे आ गए हैं"
पार्टी के भीतर वैचारिक बदलाव और मौजूदा माहौल पर कटाक्ष करते हुए आनंद दुबे ने एक तीखी उपमा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा "मैं हिंदुत्व, संभाजी महाराज और छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों को मानने वालों में से एक हूँ। लेकिन अब मेरी बोगी में बहुत से 'तिलचट्टे' आ गए हैं, और मैं उनके साथ और अधिक नहीं रह सकता।" अपने वैचारिक रुख को स्पष्ट करते हुए उन्होंने तल्ख अंदाज में यह भी जोड़ा कि, "मेरा आइडियल शरजील इमाम या ध्रुव राठी नहीं है।" उनके इस बयान को पार्टी के भीतर हालिया वैचारिक रुख और कुछ नेताओं के साथ चल रहे मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है।
उद्धव गुट के लिए बड़ा झटका
आनंद दुबे शिवसेना (UBT) के सबसे मुखर और सक्रिय प्रवक्ताओं में से एक रहे हैं, जो मीडिया डिबेट्स में पार्टी पक्ष को मजबूती से रखते थे। ऐसे वक्त में जब महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, एक राष्ट्रीय प्रवक्ता का इस तरह पार्टी से अलग होना उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट के लिए एक बड़ा सांगठनिक झटका माना जा रहा है।
