Amravati Municipal Corporation Mayor Election 2026 : अमरावती महानगरपालिका के मेयर चुनाव में राजनीति के अप्रत्याशित समीकरण सामने आया। बीजेपी की कट्टर विरोधी मानी जाने वाली AIMIM की एक कॉर्पोरेटर मीरा कांबळे ने ऐन वक्त पर बीजेपी उम्मीदवार श्रीचंद तेजवानी के पक्ष में मतदान किया। इस समर्थन के चलते बीजेपी के श्रीचंद तेजवानी अमरावती के मेयर निर्वाचित हो गए। इस घटनाक्रम के बाद AIMIM ने कड़ा कदम उठाते हुए मीरा कांबळे को पार्टी से तुरंत निष्कासित कर दिया। AIMIM का कहना है कि यह फैसला पार्टी की विचारधारा और अनुशासन के खिलाफ था।
युवा स्वाभिमान पार्टी के सचिन भेंडे चुने गए उपमहापौर
मेयर चुनाव के साथ-साथ उपमहापौर पद के लिए भी चुनाव हुआ, जिसमें युवा स्वाभिमान पार्टी के सचिन भेंडे को उपमहापौर चुना गया। अमरावती महानगरपालिका में अब महायुति की सत्ता स्थापित हो गई है..इस महायुति में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) और युवा स्वाभिमान पार्टी शामिल हैं।
तय किए गए सत्ता-साझेदारी के फार्मूले के तहत श्रीचंद तेजवानी पहले 1.5 वर्ष तक मेयर रहेंगे, जबकि इसके बाद बीजेपी के ही आशीष अतकरे अगले 1.5 वर्ष के लिए मेयर पद संभालेंगे। वहीं, युवा स्वाभिमान पार्टी के सचिन भेंडे पूर्णकालिक उपमहापौर रहेंगे।
बीजेपी में अंतर्कलह की बात आई सामने
फिलहाल, अमरावती महानगरपालिका में महायुति का कब्जा हो गया है। इस महायुति गठबंधन में शिवसेना (शिंदे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) और युवा स्वाभिममान पार्टी एक साथ हैं। कहा जा रहा है कि बीजेपी को अप्रत्याशित जीत तो मिली, लेकिन पार्टी के भीतर ही कलह शुरू हो गई। बीजेपी के कई हारे हुए उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को एक पत्र लिखा है। पत्र में स्थानीय सांसद नवनीत राणा को पार्टी से निकालने की डिमांड रखी है। आरोप है कि राणा ने चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकारिक प्रत्याशियों के खिलाफ प्रचार किया, जिससे पार्टी को खामियाजा भुगतना पड़ा।
