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चंडीगढ़ और जीरकपुर के जाम में फंसे बिना होगा Delhi to Manali का सफर, जानें Ambala Kurali Expressway की लेटेस्ट अपडेट

गर्मियों में अक्सर लोगों को मनाली की ठंडी-ठंडी वादियों की याद आती है। चंडीगढ़ व जीरकपुर के जाम से जूझते हुए लोग थककर मनाली पहुंचते हैं। लेकिन ज्यादा दिन नहीं, Ambala-Kurali Expressway का ताजा अपडेट राहत लेकर आया है।

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अंबाला कुरैली एक्सप्रेसवे का करीब 31 किमी हिस्स खुल चुका है (फोटो - x.com/DetoxTravellerr/)

Ambala Kurali Expressway: दिल्ली की प्रचंड गर्मी और गर्मियों की छुट्टियां... ये दो चीजें जब एक साथ मिलती हैं तो फिर दिमाग में पहाड़ों की सैर का आइडिया घूमने लगता है। फिर यकायक आपका प्लान बनता है, पांव एक्सलरेटर पर और हाथ स्टेयरिंग व्हील पर जाते हैं और 8-10 घंटे की यात्रा करके आप मनाली की वादियों में पहुंच जाते हैं। लंबी यात्रा के बाद थकान आम बात है, लेकिन अब एक ऐसा एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है, जो आपकी यात्रा के समय को तो कम करेगा ही, साथ ही थकान भी कम होगी। चलिए जानते हैं अंबाला-कुरैली एक्सप्रेसवे के बारे में।

खुल गया अंबाला कुरैली एक्सप्रेसवे का ये हिस्सा

56 किमी लंबे 6 लेन के अंबाला कुरैली एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर अभी काम चल रहा है, जिसके बारे में हम आगे बात करेंगे। पहले बात 31.2 किमी के उस हिस्से की जो बनकर तैयार हो चुका है और उसे ट्रैफिक के लिए खोला भी जा चुका है। 31.2 किमी का यह हिस्सा आईटी सिटी चौक से कुरैली तक बनाया गया है और इस पर गाड़ियां फर्राटा मार रही हैं।

अंबाला-कुरैली एक्सप्रेसवे से क्या फायदा होगा?

अंबाला-कुरैली एक्सप्रेसवे के पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाने से आपकी दिल्ली-एनसीआर से मनाली की ओर यात्रा बहुत आसान हो जाएगी। जब यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा, तब आपको जिरकपुर (Zirakpur) और चंडीगढ़ (Chandigarh) के जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। इससे रूपनगर और हिमाचल के लिए आपकी यात्रा तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगी।

Ambala Kurali Expressway route

ये एक्सप्रेसवे आपको चंडीगढ़ के जाम में फंसने से बचाएगा (फोटो - x.com/DetoxTravellerr/)

सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी

आईटी सिटी चौक से कुरैली तक इस एक्सप्रेसवे का जो हिस्सा तैयार है उसमें एक बड़ा इंटरचेंज बनाया आईटी सिटी चौक से करीब साढ़े 8 किमी की दूरी पर बना है। यहां पर सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे के साथ क्लोवरलीफ इंटरचेंज बनाया बन रहा है। इसके अलावा U-Turn के लिए एक विशेष तरह का फ्लाईओवर भी बनाया गया है। यही नहीं, रूपनगर-लुधियाना एक्सप्रेसवे के स्पर (Spur) के साथ भी कनेक्टिविटी देने का भी काम चल रहा है।

यहां ऑपरेशनल है टोल प्लाजा

आईटी सिटी चौक से कुरैली की ओर जाने पर करीब 19 किमी की दूरी पर एक टोल प्लाजा बनाया गया है। जो पूरी तरह से तैयार और ऑपरेशनल है। यह एक्सप्रेसवे NHAI का प्रोजेक्ट है और अच्छी बात ये है कि इस पर आपका एनुअल पास भी मान्य होगा। कुरैली एक्जिट के जरिए आप पुराने हाईवे तक पहुंच सकते हैं और एक्सप्रेसवे के अंत में बने इंटरचेंज से यात्री हिमाचल, न्यू चंडीगढ़ या चंडीगढ़ की तरफ से आसानी से जा सकते हैं।

यहां जारी है काम

जैसा कि हमने बताया कि अंबाला-कुरैली एक्सप्रेसवे पर आईटी सिटी से कुरैली तक का हिस्सा पहले ही ट्रैफिक के लिए खुल चुका है। लेकिन अंबाला से आईटी सिटी तक के 25 किमी के हिस्से पर अभी काम जारी है। उम्मीद की जा रही है कि 25 किमी का यह हिस्सा भी इस साल जून तक तैयार हो जाएगा। हालांकि, 56 किमी के इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने की पहली डेडलाइन पार हो चुकी है। इसका एक हिस्सा तैयार भी हो चुका है और अब बाकी बचा काम 30 जून 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।

Ambala Kurali Expressway construction

एक्सप्रेसवे के करीब 25 किमी हिस्से में अभी काम जारी है (फोटो - x.com/DetoxTravellerr/)

इसी अंबाला-कुरैली एक्सप्रेसवे पर अंबाला और आईटी सिटी चौक के बीच दो प्रमुख स्पर भी बनाए जाएंगे। इसमें से एक स्पर करीब 5.8 किमी लंबा और चार लेने चौड़ा होगा। यह स्पर अंबाला-चंडीगढ़ रोड (NH 152) से जुड़ेगा और इसके 2026 के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। जबकि दूसरा स्पर जीरकपुर के लिए बनाया जाएगा और 6 लेन के इस स्पर की लंबाई लगभग 10.30 किमी होगी। अंबाला-कुरैली एक्सप्रेसवे की शुरुआत में ही अंबाला में जीरकपुर-अंबाला-कैथल हाईवे (NH 152) पर एक ट्रम्पेट इंटरचेंज बनाया जा रहा है।

नोट - सभी तस्वीरें और जानकारी इंफ्रा ब्लॉगर मोहित कुमार के सोशल मीडिया हैंडल x.com/DetoxTravellerr/ से साभार ली गई हैं।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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