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Amarnath Yatra 2024: भक्तों का नया जत्था रवाना, चार लाख श्रद्धालुओं ने 24 दिन में किए बाबा बर्फानी के दर्शन

Amarnath Yatra 2024: 52 दिनों की अमरनाथ यात्रा को शुरू हुए 24 दिन हो गए हैं। इस बीच 4 लाख से अधिक भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। सावन की शुरुआत के साथ अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ गई है।

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चार लाख श्रद्धालुओं ने 24 दिन में किए बाबा बर्फानी के दर्शन

Amarnath Yatra 2024: अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 29 जून को हुई थी। इस वर्ष यात्रा 52 दिनों के बाद 19 अगस्त को सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन त्योहार के साथ संपन्न होगी। इस बीच भक्तों की भारी भीड़ बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए अमरनाथ मंदिर पहुंच रही है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए भक्तों में उत्साह अभी भी बरकरार है। हर दिन भक्तों का जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना किया जा रहा है। कुछ पारंपरिक मार्गों से बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं तो वहीं कुछ श्रद्धालु दूसरे रास्तों से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं और अभी 27 दिन का समय और बाकी है। जानकारी के अनुसार, पिछले साल 4.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए थे।

24 दिन में चाल लाख लोगों ने किये बाबा के दर्शन

मिली जानकारी के अनुसार, बीते 24 दिनों में चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। मंगलवार यानी आज सुबह 2,484 श्रद्धालुओं का एक और जत्था जम्मू से कश्मीर के लिए रवाना हुआ। 21 जुलाई को ही 3.90 लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके थे। हिंदुओं के पवित्र महीने सावन की शुरुआत होने के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ गई है। बीते दिनों की तुलना में और अधिक भक्त पहुंच कर रहे हैं। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने बताया कि सावन के पहले सोमवार के दिन 12 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा की।

बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए एक और जत्था रवाना

अधिकारियों ने जानकारी दी कि आज (मंगलवार) 2,484 भक्तों का एक और जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में रवाना हुआ है। पहला सुरक्षा काफिला सुबह 3.25 बजे 34 वाहनों में 770 यात्रियों को लेकर उत्तरी कश्मीर के बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। दूसरा सुरक्षा काफिला सुबह 4 बजे 57 वाहनों में 1,714 यात्रियों को लेकर दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।"

गुफा मंदिर में एक बर्फ की संरचना है, जो घटती-बढ़ती रहती है। भक्तों का मानना है कि यह बर्फ की संरचना भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों का प्रतीक है। यह गुफा कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। भक्त या तो 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम गुफा मंदिर मार्ग से यात्रा करते हैं या फिर वह 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करते हैं। पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वाले भक्तों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार से पांच दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग का उपयोग करने वाले भक्त गुफा मंदिर के अंदर 'दर्शन' करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौट आते हैं।

(इनपुट-भाषा)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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