Yamuna Expressway: यमुना एक्सप्रेसवे में वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए दो लेन और बढ़ाई जाएंगी। दो लेन बढ़ने के बाद यह एक्सप्रेसवे आठ लाइन का हो जाएगा। लाइन बढ़ाने के लिए एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ जगह बाकी है। एक महीने में इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली जाएगी। दरअसल, यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसों के बाद यमुना प्राधिकरण के अफसर अलर्ट मोड में आ गए हैं। तकरीबन 165 किमी लंबे यमुना एक्सप्रेसवे की दोनों तरफ एक-एक लाइन बनाई जाएंगी। एक्सप्रेसवे की चौड़ाई बढ़ने से सड़क हादसों में कमी आएगी। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे पर लगे क्रैश बीम बैरियर की भी ऊंचाई दो फीट से बढ़ाकर चार फीट की जाएगी। इसकी डीपीआर जेपी इंफ्राटेक तैयार कराएगा। यमुना प्राधिकरण ने जेपी के साथ बैठक करने के बाद दो लेन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण अधिकारियों ने मार्च में कार्य शुरू करने के लिए कहा है।
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे की लंबाई 165 किलोमीटर है। नौ अगस्त 2012 को उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया था। इस एक्सप्रेस-वे परियोजना में 12,839 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड इसका निर्माण ने किया था।
