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Agra News: श्रीराम की भक्ति में लीन हुआ आगरा, शहर में रामचरितमानस और रामायण की बंपर डिमांड

Agra News: आगार राम भक्ती में पूरी तरह से लीन हो गई है। शहर में श्रीरामचरितमानस और रामायण की मांग बढ़ गई है। वहीं कई दुकानों पर स्टॉक भी खत्म हो गया है।

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आगरा में रामायण और श्रीरामचरितमानस की बढ़ी मांग

Agra News: अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे भारत में हर्षोल्लास का माहौल है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 22 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। जहां अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारी जोरों से चल रही है वहीं दूसरी तरफ आगरा प्रभु श्रीराम की भक्ति में पूरी तरह से लीन हो गया है। इस दौरान आगरा में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। देश के अलग-अलग इलाकों में सुंदरकांड का पाठ किया जा रहा है तो कुछ स्थानों पर रामायण का पाठ किया जा रहा है। इसी बीच प्रभु श्रीराम से संबंधित पुस्तकों की मांग बढ़ती जा रही है। ठीक इसी प्रकार की स्थित आगरा की भी है।

श्रीरामचरितमानस और रामायण की मांग हुई दो गुनी

जानकारी के अनुसार स्थानीय स्तर पर आगरा में करीब 1000 रामायण और श्रीरामचरितमानस की पुस्तकों की ब्रिकी होती थी। लेकिन राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के चलते इन धार्मिक पुस्तकों की मांग दो गुनी हो गई है। इतना ही नहीं अचानक से इन पुस्तकों के भारी मात्रा में आर्डर भी आने लगे हैं। वहीं एक पुस्तक विक्रेता ने बताया कि वह कई सालों से धार्मिक पुस्तकें बेच रहे हैं लेकिन उन्होंने आज तक रामायण और श्रीरामचरितमानस की पुस्तकों को लेकर लोगों में इतना अधिक उत्साह नहीं देखा है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का असर रामायण और श्रीरामचरितमानस की पुस्तकों पर भी देखने को मिल रहा है। इन दोनों की मांग अचानक से दोगुनी हो गई है।

दुकानों में हुआ स्टॉक खत्म

जहां एक तरफ शहर में रामायण और श्री रामचरितमानस की पुस्कतों की मांग बढ़ गई है तो वहीं कई दुकानों पर पुस्तके स्टॉक में नहीं हैं। ये दुकान ऐसी है जो प्रति कॉपी के आधार पर पुस्कत बेचती है, लेकिन किताबों की मांग इतनी बढ़ गई है कि कई दुकानों पर स्टॉक नहीं है तो कुछ दुकानों पर स्टॉक खत्म होने की कगार पर है। जानकारी के अनुसार कुछ लोग रामायण और श्रीरामचरितमानस अपने घरों के लिए ले रहे हैं तो कुछ लोग इनका वितरण करने के लिए खरीद रहे हैं। भारी मात्रा में आगरा में इन पुस्तकों की मांग है और हो भी क्यों न पूरा शहर राममय जो हो गया है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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