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Agra Sikandra Memorial: पर्यटकों के लिए जरूरी खबर, सिकंदरा स्मारक में अब नहीं दिखेंगे हिरन, यहां किए जाएंगे शिफ्ट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 25, 2023, 02:20 PM IST

Agra Sikandra Memorial: आगरा के सिकंदरा स्मारक में दिखने वाले हिरन अब यहां नहीं दिखाई देंगे। हिरनों को इटावा की लायन सफारी में शिफ्ट किया जा रहा है। अगले 15 दिन में इन्हें शिफ्ट कर लिया जाएगा। यहां आने वाले पर्यटकों को अब निराशा हाथ लगेगी। आपको बता दें कि मौजूदा समय में सिकंदरा स्मारक में 27 हिरन हैं।

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आगरा के सिकंदरा स्मारक में पर्यटकों को नहीं दिखेंगे हिरन

KEY HIGHLIGHTS
  • आगरा आने वाले पर्यटकों के लिए जरूरी खबर
  • सिकंदरा स्मारक में पर्यटकों को नहीं दिखेंगे हिरन
  • हिरनों को इटावा लायन सफारी भेजने का फैसला

Agra Sikandra Memorial: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में आने वाले पर्यटकों के लिए जरूरी खबर है। आगरा के सिकंदरा स्मारक में पर्यटकों को आकर्षित करने वाले दुर्लभ प्रजाति के काले हिरन अब यहां कुछ ही दिनों के मेहमान हैं। अब यह आपको यहां नहीं दिखाई देंगे। इनको इटावा के लायन सफारी भेजा जा रहा है। 15 दिन के अंदर इन्हें शिफ्ट कर दिया जाएगा। ऐसे में सिकंदरा स्मारक में आने वाले पर्यटक हिरनों की कुलांचे नहीं देख पाएंगे। काले हिरनों को लायन सफारी भेजने का निर्णय दो साल पहले ही किया जा चुका था।

इटावा लॉयन सफारी के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर अशोक कुमार निमेष के अनुसार, सिकंदरा में अभी काउंटिंग करने पर 27 हिरन हैं। उन्होंने बताया कि यहां सियार से इनकी हालत खराब हो रही थी। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश पर इन्हें लायन सफारी लेकर जाएंगे।

दो सफ्ताह में हिरन किए जाएंगे शिफ्ट

इसके लिए मैदान में मेटाडोर का जाल के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें गद्दे भी लगाए गए हैं और दाना भी डाला जा रहा है। जब यहां आकर हिरन दाना खाएंगे और सामान्य स्थिति हो जाएगी, तब हिरनों को बिना नुकसान पहुंचाए लायन सफारी लेकर जाएंगे। इसमें टीम यह भी ख्याल रखेगी कि किसी हिरन को चोट ना लगे। दो सप्ताह के अंदर सभी हिरनों को स्थानांतरित कर दिया जाएगा। टीम में वन विभाग के बायलॉजिस्ट बीएन सिंह, डॉ. सुयश सचान, विपिन कुमार, सुधीर कुमार, शैलेंद्र कुमार, विनोद में कुमार आदि हैं।

वन्य प्रेमियों में निराशा, सुप्रीम कोर्ट की लेंगे शरण

उधर, हिरन शिफ्ट करने पर अन्य प्रेमी और हिरनों के हित के लिए काम करने वाले गौतम सिंह ने बताया कि यहां हिरन नहीं रहने से पर्यटकों के हाथ निराशा लगेगी। हिरनों को शिफ्ट करने के बजाय सियारों को पकड़ा जाए। उन्होंने कहा कि इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। उधर, 14 जनवरी को ही जंगल सफारी दर्शकों के लिए खोल गया है। जंगल सफारी में घूमने के लिए पर्यटकों को 100 रुपये का टिकट लेना पड़ेगा। यहां शेर, हिरन, मगरमच्छ समेत कई देसी-विदेशी पशु, पक्षी और जानवर आपको देखने को मिल जाएंगे। कानपुर के चिड़ियाघर में जहां तक नजर जाएगी वहां तक हरियाली ही हरियाली दिखेगी। झील और नदी यहां की सुंदरता को बढ़ा रहे हैं।
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