आगरा

इंटेलिजेंस की चूक! सपा सांसद के काफीले पर करणी सेना का हमला, कई गाड़ियां टकराईं; अखिलेश ने कहा साजिश

अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर करणी सेना ने टायर फेंके। इस दौरान काफीले की कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं। कुछ लोगों को चोटें आई हैं।

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सपा सांसद के काफीले पर करणी सेना का हमला

अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्‍य रामजीलाल सुमन के काफिले पर रविवार को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। लोधा थाना क्षेत्र के खेरेश्वर चौराहे के पास हाईवे पर करणी सेना ने सांसद के काफिले पर टायर फेंके, जिससे तेज रफ्तार से दौड़ रही कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं और क्षतिग्रस्त हो गईं। इस घटना के बाद काफिले में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, राहत की बात रही कि सांसद रामजीलाल सुमन पूरी तरह सुरक्षित हैं और गभाना-बुलंदशहर की ओर रवाना हो गए। हालांकि, बाद में उन्हें वापस लौटना पड़ा। घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और स्थिति को शांत कर लिया गया।

थाना गभाना में हमले के संबंध में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक (नगर) मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में स्थानीय चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

बता दें कि सांसद रामजीलाल सुमन बुलंदशहर के कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव सुनेहरा में थार गाड़ी से कुचलकर हुई दलित महिला की मौत और तीन लोगों के घायल होने की घटना के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन गभाना टोल पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया, जिससे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई।

सांसद रामजीलाल सुमन ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "मैं दलितों का दर्द सुनने के लिए बुलंदशहर जा रहा था, लेकिन प्रशासन ने मुझे जबरन रोककर वापस भेज दिया। उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम है और दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पूरे घटनाक्रम पर वरिष्ठ अधिकारी नजर बनाए हुए हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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