आगरा

Agra Crime: छात्रों ने शिक्षक को मारी गोली, बोले- 40 गोली मारनी हैं एक मार दी, अब 6 महीने बाद मारूंगा

आगरा में दो छात्रों ने टीचर के पैर में गोली मारकर उसकी रील बनाई और शेखी बघारते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में छात्र बोल रहे हैं कि टीचर को 40 गोली मारनी हैं एक मार दी अब 39 बची हैं। 6 महीने बाद फिर उसे गोली मारेंगे।

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आगरा में कोचिंग सेंटर के बाहर 2 छात्रों ने टीचर को मारी गोली

आगरा: यूपी के ताजनगरी से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां दो छात्रों ने कोचिंग में पढ़ाने वाले टीचर के पैर में गोली मार दी। घायल टीचर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हद तो तब हो गई जब आरोपी छात्रों ने टीचर को गोली मारने के बाद बाकायदा वीडियो बनाया और सोशल मीडिया वायरल कर इसकी जानकारी दी।

6 महीने बाद फिर गोली मारने की धमकी

वीडियो में छात्र बोल रहे हैं कि टीचर को 40 गोली मारनी हैं एक मार दी अब 39 बची हैं। 6 महीने बाद फिर उसे गोली मारेंगे। आरोपी छात्रों का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि पीड़ित शिक्षक और स्टूडेंट एक ही गांव के रहने वाले हैं। घायल टीचर सुमित का डॉ. भीमराव अंबेडकर कंप्यूटर इंस्टीट्यूट है, जिसे वो संचालित करते हैं।

यह पूरा मामला थाना खंदौली क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस उपायुक्त पश्चिमी सोनम कुमार ने बताया की दोनों छात्रों ने टीचर सुमित को बहाने से कोचिंग के बाहर बुलाया और तमंचे से फायर कर दिया। सुमित के बाएं पैर में गोली लगी है, उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी तरुण का शिक्षक सुमित के बड़े भाई योगेंद्र से किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद मामूली विवाद हो गया था। इसलिए लड़कों ने इस घटना को अंजाम दिया है। फिलहाल, पुलिस ने दोनों छात्रों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन कर दिया है। पुलिस जल्द ही दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के दावे कर रही है। इस घटना के बाद से इलाके इलाके में डर का माहौल है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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