10 दिनों का मौसम: पश्चिमी विक्षोभ बढ़ाएगा टेंशन; इन राज्यों में बढ़ेगा सर्दी का कहर, पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट
- Authored by: Nilesh Dwivedi
- Updated Feb 1, 2026, 11:55 PM IST
Agle 10 Din Ka Mausam: अगले 10 दिनों का मौसम (01 Feb to 10 Feb 2026), दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में अगले 10 दिनों का मौसम कैसा रहेगा? 10 दिनों में ठंड का मौसम (Next 10 Days IMD Weather Forecast): जनवरी की शुरुआत से ही उत्तर भारत और देश के अन्य हिस्सों में ठंड, शीतलहर, कोहरा और बारिश का जोरदार असर दिख रहा है। पूर्वी राज्यों में इस सर्दी मौसम में बारिश का पूरी तरह अभाव रहा है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ और ट्रोपोस्फेरिक परिसंचरण मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में पश्चिमी हिमालय और मैदानी इलाकों में बारिश, बर्फबारी और कोहरे जैसी परिस्थितियों की संभावना जताई गई है।
अगले 10 दिनों का मौसम
Agle 10 Din Ka Mausam: प्रचंड ठंड, शीतलहर, कोहरा और बारिश के संगम से लोगों का हाल बेहाल है। जनवरी की शुरुआत के साथ ही मौसम ने उत्तर भारत समेत देश के अन्य भागों में अपने जोरदार तेवर दिखाए। स्काईमेट की मौसम रिपोर्ट के अनुसार, इस सर्दी के मौसम में देश के पूर्वी राज्यों में बारिश का पूरी तरह अभाव रहा है। मौसम प्रणालियों की बात करें तो, मौजूदा मौसम स्थितियों के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे क्षेत्रों में निचले तथा मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके साथ ही ऊपरी ट्रोपोस्फियर में पछुआ हवाओं के बीच एक गर्त बना हुआ है, जिसका अक्ष समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 68° पूर्व देशांतर के आसपास और 30° उत्तरी अक्षांश के उत्तर की ओर स्थित है।
निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर दक्षिण हरियाणा और उससे लगे उत्तरी राजस्थान के ऊपर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण विकसित हुआ है। इसी स्तर पर पश्चिमी मध्य प्रदेश से लेकर दक्षिण हरियाणा और आसपास के उत्तरी राजस्थान तक, गुजरात क्षेत्र को पार करता हुआ एक ट्रफ भी बना हुआ है। ऊपरी वायुमंडल में, समुद्र तल से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 125 नॉट की तीव्र हवाओं वाली उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम पूर्वोत्तर भारत के ऊपर सक्रिय बनी हुई है। इसके अलावा, निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, लक्षद्वीप क्षेत्र और केरल तट के पास एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। वहीं, कोमोरिन क्षेत्र और उसके आसपास समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर तक फैला एक और ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। आगे के पूर्वानुमान के अनुसार, 2 फरवरी 2026 की रात से हिमालयी क्षेत्रों के ऊंचाई वाले हिस्सों पर एक नया लेकिन कमजोर पश्चिमी विक्षोभ असर डाल सकता है। इसके बाद 5 फरवरी 2026 की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ बढ़ाएगा परेशानी
लगातार दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से 1 से 3 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं व्यापक वर्षा व बर्फबारी होने की संभावना है। इसी अवधि में उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम, छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके बाद 5 से 7 फरवरी 2026 के दौरान एक तीसरा पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 3 फरवरी तक कई स्थानों पर सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि 5 फरवरी तक कुछ अलग-थलग इलाकों में कोहरा बना रह सकता है।
कैसा रहेगा तापमान का हाल?
न्यूनतम तापमान की बात करें तो अगले तीन दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है और इसके बाद कोई खास बदलाव नहीं होगा। उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। महाराष्ट्र में अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने के आसार हैं, जबकि बाद में स्थिति लगभग स्थिर रह सकती है। देश के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
कोहरे को लेकर क्या चेतावनी है?
कोहरे को लेकर चेतावनी के अनुसार, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 3 फरवरी तक कई स्थानों पर घना कोहरा रह सकता है और 5 फरवरी तक कुछ जगहों पर यह स्थिति बनी रह सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 फरवरी तक, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार तथा असम और मेघालय में 2 फरवरी तक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में 3 फरवरी तक तथा पूर्वी राजस्थान में 3 से 5 फरवरी के बीच अलग-अलग इलाकों में घना कोहरा छाने की आशंका है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट
IMD के अनुसार, 1 से 3 फरवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं वर्षा और बर्फबारी हो सकती है, जिसमें झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 1 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और मध्य प्रदेश में, 1 और 2 फरवरी को उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में तथा 2 फरवरी को मध्य महाराष्ट्र में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा, 1 फरवरी 2026 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
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