लखनऊ : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष इसे अलग नजरिए से देख रहा है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने अमेरिका के आगे सरेंडर कर किसान बर्बादी की नींव रख दी है। कहा कि हैरानी की बात यह है कि इस फैसले की जानकारी भारत सरकार ने नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने ट्वीट करके दी।
अमेरिका से महंगा तेल खरीदेगा भारत-संजय सिंह
संजय सिंह ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से बताया कि अब भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा, बल्कि अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। यह फैसला देशहित के खिलाफ है। वेनेजुएला का तेल घटिया गुणवत्ता वाला होता है, जिसे रिफाइन करना बेहद महंगा पड़ता है, जबकि अमेरिका का तेल रूस की तुलना में कहीं ज्यादा महंगा है। इसका सीधा असर भारत की जनता पर पड़ेगा और पेट्रोल-डीजल से लेकर हर जरूरी चीज महंगी होगी।
सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने अमेरिका से आने वाले सभी कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क लगाने का निर्णय किया है। इसका मतलब है कि अमेरिका से आने वाला कपास, गेहूं, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद टैक्स फ्री होंगे। इससे अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते बिकेंगे और भारतीय किसानों की फसल कोई खरीदने वाला नहीं रहेगा। यह फैसला देश के करोड़ों किसानों को बर्बादी की ओर धकेलने वाला है।
आंदोलन की चेतावनी
संजय सिंह ने कहा कि अमेरिका की एग्रीकल्चर सेक्रेटरी का बयान सामने आया है, जिसमें वह इस डील पर खुशी जताते हुए ट्रंप को बधाई दे रही हैं। यह साफ है कि यह समझौता अमेरिका के किसानों और कॉरपोरेट्स के लिए फायदेमंद है, भारत के किसानों के लिए नहीं। उन्होंने प्रधानमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि देश के किसानों की ताकत को कम मत आंकिए और देश को महंगाई की आग में मत झोंकिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह ट्रेड डील वापस नहीं ली गई और किसानों व आम जनता के खिलाफ लिए गए फैसले रद्द नहीं किए गए, तो सड़क से लेकर संसद तक मोदी सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा होगा।
