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गाजियाबाद में मासूम के साथ दरिंदगी, 60 साल के बुजुर्ग ने की घिनौनी करतूत

यूपी के गाजियाबाद में एक 60 साल के व्यक्ति ने एक दो साल की मासूम के साथ घिनौनी करतूत को अंजाम दिया है। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश में अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। खासकर, महिलाओं और बेटियों के खिलाफ बढ़ते आपराधिक मामले सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। कई ऐसे ताजे मामले सामने आये हैं, जिनमें मासूम बच्चियों को शिकार बनाया जा रहा है, जो शर्मसार करने वाले हैं। इसी प्रकार से गाजियाबाद के विजय नगर थाना क्षेत्र स्थित सिद्धार्थ विहार सेक्टर-7 से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घिनौनी वारदात सामने आई है। यहां दो साल की एक मासूम बच्ची के साथ 60 वर्षीय बुजुर्ग द्वारा दरिंदगी का आरोप है। इस घटना से पूरे इलाके में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

हिरासत में आरोपी

घटना की सूचना मिलते ही विजय नगर थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपी की मानसिकता को लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है कि आखिर उसने ऐसी घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

ACP ने दी जानकारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। एसीपी कोतवाली, उपासना पांडेय ने बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटना के तुरंत बाद पीड़ित बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार और मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे परिजनों में चिंता और दुख का माहौल है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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