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हिमाचल के Mandi में अनियंत्रित होकर खाई में गिरी कार, 5 लोगों की मौत

हिमाचल के मंडी के पंडोह के बाखली में अनियंत्रित कार के खाई में गिरने से 5 लोगों के मौत की सूचना है। बताया जा रहा है कि ये सभी शादी समारोह से लौट रहे थे।

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मंडी कार एक्सीडेंट

हिमाचल के मंडी के पंडोह के बाखली में अनियंत्रित कार के खाई में गिरने से 5 लोगों के मौत की सूचना है। बताया जा रहा है कि ये सभी शादी समारोह से लौट रहे थे। प्रारंभिक सूचना के अनुसार बाखली कार सड़क से पुराने रोड जा गिरी है। गाड़ी में सभी एक परिवार के छोटी बच्ची समेत तीन लोग सवार थे। फिलहाल, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ और पंडोह चौकी की टीम शवों को बाहर निकालने के प्रयास कर रही है। हादसा बाखली सड़क के पास ये हुआ है। हादसे में गाड़ी पूरी तरह से चकनाचूर हो गई है।

200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार

अमर उजाला के हवाले से प्राप्त खबर के मुताबिक, गोहर उपमंडल के तरौर गांव निवासी शेर सिंह की बारात शुक्रवार सुबह सराज क्षेत्र के भाटकीधार गई थी। दोपहर बाद जब बरात वापस लौट रही थी तो दूल्हे के बड़े भाई दुनी चंद थोड़ा पहले रवाना हो गए। पंडोह डैम के पास दुनी चंद की कार अनियंत्रित होकर 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने हादसे का पता लगते ही तुरंत प्रभाव से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान दूल्हे के बड़े भाई धुनी चंद (35), उनकी पत्नी कांति देवी (35) और उनकी बेटी काजल के रूप में हुई है। दुर्घटना में दहलू और मीना देवी नामक दो अन्य लोग भी मारे गए।

डैम से नाव में लाए गए शव

कार डैम में नहीं बल्कि, उससे काफी ऊपर एक खुले स्थान पर जा गिरी। कार इतनी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई थी कि इससे शवों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। शवों को नाव के जरिए डैम से होकर ही सड़क तक पहुंचाया गया। शवों को जोनल अस्पताल मंडी भेज दिया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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