Pakistan Border Roads: भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच आसान बनाने के लिए सड़कों का जाल बिछाने की कवायत चल रही है। दुर्गम इलाकों में आम आदमी से लेकर भारतीय सेना कम समय में पहुंच सके इसके लिए केंद्र सरकार ने नई परियोजना को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किलोमीटर सड़क निर्माण की परियोजना को मंजूरी दे दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंत्रिमंडल के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इससे न केवल सीमावर्ती गांवों में आवाजाही सुगम होगी बल्कि, इन क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। साथ ही आपात या युद्ध जैसी स्थिति में स्पॉट पर पहुंचना आसान होगा।

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4,406 करोड़ रुपये की लागत
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 4,406 करोड़ रुपये की लागत से 2,280 किलोमीटर सड़क निर्माण को मंजूरी दी है, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया है। यह परियोजना मानसिकता में बदलाव का परिणाम है, जिसमें देश के अन्य भागों में समान सुविधाओं के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। कहा गया कि इस निर्णय का सड़क और दूरसंचार संपर्क तथा जलापूर्ति, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की सुविधाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण आजीविका में वृद्धि होगी, यात्रा आसान होगी और इन क्षेत्रों की राजमार्ग नेटवर्क के साथ कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि 'सीमा की सुरक्षा ही राष्ट्र की सुरक्षा है' के मंत्र पर चल रही मोदी सरकार सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
राजस्थान-पंजाब के पास पाकिस्तान बॉर्डर तक रोड
उन्होंने कहा कि आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹4,406 करोड़ की लागत से राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी। इससे न केवल सीमावर्ती गांवों में आवागमन सुगम होगा, बल्कि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा और ये गांव ‘वाइब्रेंट विलेजेज’ के रूप में विकसित होंगे।

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सुरक्षा बलों को होगी आसानी
अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर क्षेत्र में सड़कों के मजबूत नेटवर्क से वहां के गांव और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्व सीमा सुरक्षा बल की चौकियों तक सड़क नेटवर्क मजबूत होगा और इससे कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। आतंकी गतिविधियों की खबर होने से सैन्य बलों के लिए आवागमन सुगम होने के साथ लॉजिस्टिक की समयबद्ध आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी। आपात या युद्ध जैसी स्थिति में स्पॉट पर पहुंचना आसान होगी। साथ ही जरूरी सामान पहुंचने में भी सुविधा होगी।
पाकिस्तान से बॉर्डर साक्षा करने वाले राज्य
| राज्य का नाम | सीमा क्षेत्र की लंबाई |
| जम्मू-कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश) | 1222 किमी. |
| राजस्थान | 1170 किमी. |
| गुजरात | 506 किमी. |
| पंजाब | 425 किमी. |
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की लंबाई (India-Pakistan Border Length)
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की कुल लंबाई 3,333 किलोमीटर है। दोनों देशों की सीमा रेडक्लिफ को रात्रि के समय अंतरिक्ष से आसानी से देखा जा सकता है क्योंकि भारत ने सुरक्षा की दृष्टि से करीब 50 हजार खंभो पर करीब 1 लाख 50 हजार फ्लड लाइटें लगवाई हैं। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर को दुनिया की सबसे खतरनाक सीमाओं में से एक माना जाता है।
