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सूरत में दरिंदगी की हदें पार; मासूम को हैवान ने बनाया हैवानियत का शिकार

सूरत के सारोली इलाके में एक ढाई साल की मासूम के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। बताया गया है कि, बच्ची को अकेला पाकर एक युवक ने बाथरूम में घुसकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

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सूरत में मासूम के साथ दरिंदगी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Surat News: गुरुवार दोपहर 12:30 बजे पुलिस की 112 हेल्पलाइन पर एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। जानकारी के मुताबिक, सारोली क्षेत्र में बिहार के रहने वाले एक युवक ने महज साढ़े तीन साल की एक मासूम बच्ची को अपनी हैवानियत का शिकार बनाया। बताया जा रहा है कि, समय रहते मां के पहुंच जाने से आरोपी को वारदात की जगह पर ही पकड़ा लिया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर उसको पुलिस के हवाले कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सारोली क्षेत्र स्थित नेचरवेली होम्स के पीछे कृष्णा पार्क इंडस्ट्रियल एस्टेट में एक मजदूर परिवार रहता है। गुरुवार दोपहर परिवार के सदस्य नीचे कारखाने में काम में व्यस्त थे। इसी दौरान साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची ऊपर के कमरे में अकेली थी। बच्ची की मां अपने पति को नीचे बुलाने गई थी, बस कुछ मिनटों की यह अनुपस्थिति एक दरिंदे के लिए मौका बन गई। जब बच्ची बाथरूम गई, तो उसी इमारत में रहने वाले बिहार निवासी मोजब्बीर मोहम्मद हसामुद्दीन (उम्र 21 वर्ष) ने छत से उतरकर बाथरूम में घुसपैठ की और मासूम के साथ गंदा काम किया।

पुलिस के सामने कबूल किया जुर्म

सौभाग्य से बच्ची की मां उसी वक्त ऊपर आ पहुंची और बाथरूम का दृश्य देखकर सन्न रह गई। उसकी चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी दौड़ आए और आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। गुस्साए लोगों ने आरोपी की जमकर पिटाई की और फिर सारोली पुलिस को सौंप दिया। पुलिस के सामने पेश होते ही आरोपी ने अपनी गलती कबूल कर ली और माफी मांगते हुए कहा, 'मुझसे गलती हो गई, मुझे माफ कर दो। आरोपी ने बताया कि उसने आवेश में यह कदम उठाया। सारोली पुलिस स्टेशन ने तत्काल आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है। फिलहाल, आगे की जांच जारी है।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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