शहर

इंतजार में बीता 2025, अगले साल इन Expressway का होगा उद्घाटन; कर लें फर्राटा मारने की तैयारी

इस साल यानी 2025 में जिन बड़े एक्सप्रेसवे का उद्घाटन नहीं हो पाया, अब उनसे जुड़ी उम्मीदें 2026 पर टिक गई हैं। दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-देहरादून, गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-अमृतसर-कटरा और बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे जैसे एक्सप्रेसवे देश की कनेक्टिविटी, ट्रैवेल टाइम और आर्थिक विकास को नई रफ्तार देंगे।

Image

आने वाले साल में इन एक्सप्रेसवे का इंतजार होगा खत्म

साल 2025 अब चंद घड़ियों का मेहमान है। आज यानी मंगलवार 30 दिसंबर है और कल 31 दिसंबर की शाम लोग नए साल के आने की खुशी में झूम रहे होंगे। गुजरते साल में कई उपलब्धियां रहीं और कई मलाल भी रह गए, जिनके 2026 में पूरा होने की उम्मीद होगी। ऐसा ही कुछ देश के नए एक्सप्रेसवेज को लेकर भी हुआ। साल 2025 में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे सहित कई एक्सप्रेसवे के आम लोगों के लिए खुलने की उम्मीद थी। लेकिन 2025 की अंतिम घड़ियों के साथ यह उम्मीदें अब 2025 से खत्म हो गई हैं। अब निगाहें 2026 पर हैं और देखेंगे कि जल्द ही आने वाले महीनों में एक के बाद एक इनमें से कई Expressway का उद्घाटन होगा। नए साल के जश्न के साथ ही इन नए-नवेले एक्सप्रेसवे पर फर्राटा मारने की भी तैयारी कर ही लीजिए।

देश के सड़क परिवहन को रफ्तार देने में नए-नए एक्सप्रेसवे का बड़ा योगदान है। देश में हर तरफ एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा रहा है। जिसमें देश का सबसे लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भी है, जो अभी निर्माणाधीन है। मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे जैसी सड़क परियोजनाओं ने दिनों की दूरियों को घंटों में और घंटों की दूरियों को मिनटों में समेट दिया है। साल 2026 में कौन-कौन से एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हो सकता है, चलिए जानते हैं -

Delhi Mumbai Expressway

Delhi Mumbai Expressway.

2026 में दिल्ली से मुंबई तक का सफर होगा आसान

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1386 किमी है। इस लिहाज से यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है जो अभी निर्माणाधीन है, जिसे NHAI बना रहा है। एक्सप्रेसवे का ज्यादातर हिस्सा बनकर तैयार है। गुजरात में कुछ हिस्से पर अभी काम चल रहा है। आठ लेन के इस एक्सप्रेसवे को कुछ जगहों पर भविष्य में 12 लेन का भी किया जा सकता है। यह एक्सप्रेसवे देश की राजधानी को आर्थिक राजधानी से जोड़ेगा और अभी सड़क मार्ग से लगने वाले 24 घंटे की यात्रा को 12 घंटे का बना देगा। इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली और मुंबई के अलावा, गुरुग्राम, सोहना, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, अलवर, बांदीकुई, सवाई माधोपुर, अजमेर, किशनगढ़, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, गारोथ, मंदसौर, जावरा, रतलाम, दाहोद, गोधरा, वडोदरा, भरूच, सूरत, नवसारी, वालसाड, वापी, पालघर और विरार को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों को पहले ही जनता के लिए खोला जा चुका है। 2026 में पूरे एक्सप्रेसवे को शुरू किया जा सकता है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के बारे में और पढ़ें -

Delhi-Dehradun Expressway

Delhi-Dehradun Expressway.

ढाई घंटे में दून की वादियों में पहुंचेंगे दिल्लीवासी

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर भी कहा जाता है। दिल्ली और देहरादून के बीच 210 किमी लंबा यह 6 लेन का एक्सप्रेसवे एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण NHAI कर रहा है। दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा में फिलहाल 5 से 6 घंटे का समय लगता है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से सफर मात्र ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा। इससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए पहाड़ों की रानी मसूरी आना-जाना आसान हो जाएगा। एक्सप्रेसवे की शुरुआत पूर्वी दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के पास से होती है और देहरादून में आशारोड़ी चौक तक जाता है। इस एक्सप्रेसवे पर एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर बनाया गया है। 12-14 किमी लंबे इस कॉरिडोर में गाड़ियां एलिवेटेड हिस्से से गुजरेंगी, जबकि जंगली जानवर सुरक्षित तरीके से नीचे से विचरण कर पाएंगे। एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों को जनता के लिए खोला जा चुका है। इस एक्सप्रेसवे को 2025 में ही आम जनता के लिए खोला जाना था, लेकिन अब 2026 के शुरुआती महीनों में ही इसे आम जनता के लिए खोला जा सकता है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बारे में और पढ़ें -

Ganga Expressway

Ganga Expressway.

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जुड़ेंगे एक सूत्र से

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे है। इस एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) बना रहा है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे कुल 594 किमी लंबा होगा। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ से पूर्वी यूपी में प्रयागराज तक बनाया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से भी गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी होगी। मेरठ और प्रयागराज के अलावा मेरठ एक्सप्रेसवे हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ जिलों को भी कनेक्ट करेगा। गंगा एक्सप्रेसवे को साल 2025 में ही आम जनता के लिए खोला जाना था। अब उम्मीद है कि जनवरी के दूसरे हफ्ते में इस एक्सप्रेसवे को आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। तो देर किस बात की नए साल का जश्न मनाने के साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे पर फर्राटा मारने की तैयारी कर लें। गंगा एक्सप्रेसवे के बारे में और पढ़ें -

Delhi Amritsar Katra Expressway

Delhi Amritsar Katra  Expressway.

चलो बुलावा आया है...

दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमृतसर स्वर्ण मंदिर और श्री माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए जम्मू जाते हैं। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के बन जाने से उन श्रद्धालुओं को बड़ी सहूलियत होगी। 670 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे के चालू हो जाने से दिल्ली और कटरा के बीच का सफर मात्र 6 घंटे में पूरा हो जाएगा, जबकि अभी इस सफर में 14 घंटे तक का समय लगता है। दिल्ली से अमृतसर भी मात्र 6 घंटे में पहुंच जाएंगे, जबकि अभी 8 घंटे का समय लगता है। 6 लेन के इस एक्सप्रेसवे को NHAI बना रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है। एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से पहले ही आम जनता के लिए खुल चुके हैं। उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे मार्च 2026 में आम ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा और फिर आप इस एक्सप्रेसवे पर फर्राटा मार पाएंगे। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के बारे में और पढ़ें -

Lucknow-Kanpur Expressway

Lucknow Kanpur  Expressway.

नवाबों के शहर का सफर होगा आसान

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और प्रमुख औद्योगिक नगर कानपुर को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे मात्र 63 किमी लंबा है। 6 लेन के इस एक्सप्रेसवे को भविष्य में 8 लेन का भी किया जा सकता है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को अवध एक्सप्रेसवे भी कहा जाता है। इसके आम जनता के लिए खुल जाने से लखनऊ और कानपुर के बीच की दूरी एक घंटे में तय हो जाएगी, जिसमें अभी कई बार 2 घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। इस एक्सप्रेसवे को मार्च 2026 में आम जनता के लिए खोला जा सकता है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के बारे में और पढ़ें -

Amritsar Jamnagar Economic Corridor

Amritsar Jamnagar  Expressway.

रेगिस्तान के बीच काली सर्पीली सड़क

पंजाब और गुजरात के बीच बन रहा अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1257 किमी है और इस लिहाज से यह देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। यह एक्सप्रेसवे पंजाब और गुजरात के अलावा हरियाणा और राजस्थान को भी बेहतरीन कनेक्टिविटी देगा। बड़ी बात ये है कि यह एक्सप्रेसवे तीन बड़ी रिफायनरियों बठिंडा, बाड़मेर और जामनगर को जोड़ेगा। एक्सप्रेसवे का राजस्थान वाला हिस्सा आम जनता के लिए खोला जा चुका है। यह एक्सप्रेसवे अमृतसर और जामनगर के सफर को मौजूद 26 घंटे से घटाकर 13 घंटे का कर देगा। अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे के साल 2026 में आम जनता के लिए खोले जाने की पूरी उम्मीद है। अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे के बारे में और पढ़ें -

अहमदाबाद-धौलेरा एक्सप्रेसवे

Ahmedabad Dhaulera  Expressway.

गुजरात के परिवहन को लगेंगे पंख

गुजरात में बन रही अहमदाबाद-धौलेरा एक्सप्रेसवे परियोजना की कुल लंबाई 108-109 किमी है। इस एक्सप्रेसवे के आम जनता के लिए खुल जाने से अहमदाबाद से स्मार्टसिटी धौलेरा के बीच का सफर 40-45 मिनट शॉर्ट हो जाएगा। इस 6 लेन के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण NHAI कर रहा है। इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो जाने से स्थानीय लोगों को बड़ी सहूलियत होगी। उम्मीद की जा रही है कि साल 2026 के शुरुआती महीनों में ही इस एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

बेंगलुरु चेन्नई एक्सप्रेसवे

Bengaluru chennai Expressway.

दक्षिण की दो राजधानियां आएंगी करीब

भारत की सिलीकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु और तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के बीच बन रहा यह एक्सप्रेसवे कुल 260 किमी लंबा होगा। यह एक्सप्रेसवे दोनों दक्षिण भारतीय शहरों को और करीब लेकर आएगा। एक्सप्रेसवे का कर्नाटक का 71 किमी हिस्सा पहले ही आम ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। अभी आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के हिस्सों में काम चल रहा है और उम्मीद की जा रही है कि साल 2026 के जून-जुलाई में इसका उद्घाटन हो सकता है।

FAQs

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की खासियत क्या है?

करीब 1386 किमी लंबा यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जो दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा समय को 24 घंटे से घटाकर करीब 12 घंटे कर देगा।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कब तक पूरी तरह चालू हो सकता है?

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से यात्रियों को क्या फायदा होगा?

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात क्या है?

गंगा एक्सप्रेसवे किन शहरों को जोड़ेगा?

गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने की संभावित तारीख क्या है?

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे श्रद्धालुओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से क्या बदलाव आएगा?

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article