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क्या आप जानते हैं ट्रेन के सफर में किस सामान को 20 किलोग्राम से अधिक ले जाने पर पाबंदी है? बुकिंग से पहले जान लें नाम

ट्रेन सफर के दौरान कपड़े या अन्य निजी सामान ले जाने की तो छूट है, लेकिन रेलवे नियमों के मुताबिक आप अपने साथ 20 किलो से ज्यादा 'घी' नहीं ले जा सकते। पैकिंग खराब होने या सीमा से अधिक घी मिलने पर भारी जुर्माना लग सकता है।

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Indian Railway Luggage Rule

देसी घी भारतीय खान-पान का एक मुख्य हिस्सा है। अक्सर गांवों या छोटे शहरों से लोग जब महानगरों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों या बच्चों से मिलने जाते हैं, तो डिब्बों में भरकर शुद्ध घर का बना घी साथ ले जाते हैं। त्योहारों और शादियों के सीजन में तो घी ले जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। Indian Railway ने सुरक्षा और सह-यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घी के परिवहन के लिए अधिकतम 20 किलोग्राम प्रति यात्री की सीमा तय (Luggage Limit) की है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि घी एक तैलीय और चिकना पदार्थ है। अगर यात्रा के दौरान भारी मात्रा में ले जाया जा रहा घी किसी वजह से डिब्बे या पीपे से लीक हो जाता है, तो वह ट्रेन के फर्श पर फैल सकता है। फर्श पर तेल या घी फैलने से सह-यात्रियों के फिसलकर गिरने और गंभीर चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, घी की अत्यधिक मात्रा कुछ परिस्थितियों में सुरक्षा के लिहाज से भी संवेदनशील मानी जाती है।

पैकिंग को लेकर भी हैं बेहद सख्त निर्देश

रेलवे सिर्फ वजन की सीमा तय करके नहीं रुकता, बल्कि ट्रेन में घी ले जाने के लिए पैकिंग के भी कड़े नियम हैं। अगर आप 20 किलो या उससे कम मात्रा में भी घी ले जा रहे हैं, तो वह खुले डिब्बे या ढीले पॉलिथीन में नहीं होना चाहिए। घी को पूरी तरह से 'लीक-प्रूफ' मर्तबान, टिन के कड़े कंटेनर या मजबूत प्लास्टिक के जार में पैक होना अनिवार्य है, जिसे अच्छे से सील किया गया हो। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) या चेकिंग स्टाफ को अगर लगता है कि घी की पैकिंग कमजोर है और इससे डिब्बे में गंदगी फैल सकती है, तो वे आपके पास सीमा के भीतर घी होने पर भी उसे ट्रेन में ले जाने से रोक सकते हैं।

नियम टूटने पर कितना लग सकता है जुर्माना?

अगर कोई यात्री चेकिंग के दौरान ट्रेन में 20 किलोग्राम से अधिक घी के साथ पकड़ा जाता है, तो रेलवे इसे बिना बुक किया हुआ 'अवैध व्यावसायिक सामान' (Unbooked Luggage) मान सकता है। ऐसी स्थिति में, रेलवे एक्ट की धाराओं के तहत यात्री पर लगेज रेट का छह गुना तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, अगर घी फैलने के कारण ट्रेन की बोगी या अन्य यात्रियों के सामान को कोई नुकसान पहुंचता है, तो यात्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है और अतिरिक्त हर्जाना वसूला जा सकता है।

यात्रियों के लिए सामान्य लगेज के क्या हैं नियम?

इस विशेष नियम के साथ-साथ यात्रियों को सामान्य लगेज लिमिट का पता होना भी जरूरी है। भारतीय रेलवे में स्लीपर क्लास (Sleeper Class) का एक यात्री अपने साथ मुफ्त में 40 किलोग्राम तक सामान ले जा सकता है। वहीं, एसी टू टीयर (2AC) में 50 किलोग्राम और फर्स्ट क्लास एसी (1st AC) में अधिकतम 70 किलोग्राम तक सामान ले जाने की पूरी छूट मिलती है। कपड़े, जूते और निजी इस्तेमाल की चीजें इस दायरे में आसानी से आ जाती हैं। लेकिन ध्यान रहे, घी जैसी विशेष चीजों का वजन इस कुल सीमा के अंदर होने के बावजूद, उसकी अपनी व्यक्तिगत सीमा (20 किलो) से अधिक नहीं होना चाहिए।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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