Mutual Fund SIP: म्यूचुअल फंड में अधिकतर लोग एसआईपी के जरिए निवेश करना पसंद करते हैं। मगर केवल निवेश करना काफी नहीं है, बल्कि आपको ये भी मालूम होना चाहिए कि कैसे आप एसआईपी से अपने म्यूचुअल फंड रिटर्न को अधिकतम कर सकते हैं। कुछ ऐसी सिम्पल टिप्स हैं, जो आपको फॉलो करनी होंगी। कंपाउंडिंग की पावर का फायदा उठाने के लिए आपको एसआईपी जल्द से जल्द शुरू करनी है। कोशिश करें कि जैसे ही आप कमाना शुरू करें, वैसे ही निवेश शुरू कर दें। चाहे शुरू में 1000-2000 रु की एसआईपी ही शुरू करें। क्योंकि एसआईपी राशि को बाद में बढ़ाया जा सकता है, मगर वक्त निकल गया तो वो वापस नहीं आएगा। आगे जानिए और किन तरीकों से आप एसआईपी रिटर्न को अधिकतम कर सकते हैं।
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एक्सपेंस रेशियो और कमीशन
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय दो चीजों पर ध्यान दें। एक एक्सपेंस रेशियो और दूसरा कमीशन। एक्सपेंस रेशियो एक चार्ज है, जो म्यूचुअल फंड आपसे बतौर सर्विस ले सकते हैं। ये अलग-अलग योजना में कम-ज्यादा हो सकता है।
हाई एक्सपेंस रेशियो का मतलब है कि आपके रिटर्न का एक बड़ा हिस्सा इसी में चला जाएगा। इसके अलावा ब्रोकर या म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म कमीशन ले सकते हैं। ये भी रिटर्न को कम करेगा। हालांकि कुछ प्लेटफॉर्म कमीशन नहीं लेते। इसलिए ऐसे प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करें।
पोर्टफोलियो पर नजर रखें
आपको अपने एसआईपी पोर्टफोलियो पर कड़ी नजर रखनी होगी। सिर्फ निवेश करके भूल न जाएं, बल्कि उस पर नजर रखें। अगर आपके फंड का परफॉर्मेंस कमजोर है तो उससे पैसा निकालकर किसी और फंड में लगा दें।
समय के साथ एसआईपी राशि बढ़ाएँ
जैसे-जैसे आपकी आय बढ़े , वैसे वैसे अपनी एसआईपी राशि को बढ़ाएं। इससे बड़ा फंड बनाने में तेजी आएगी। अपने एसआईपी योगदान को धीरे-धीरे बढ़ाने में आप अपनी बढ़ती इनकम का लाभ उठा सकते हैं।
इन टिप्स को भी करें फॉलो
- मार्केट गिरे या चढ़े लगातार निवेश करते रहें
- अपने पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन लाएं
- सही फंड चुनने की कोशिश करें। इसके लिए अलग-अलग फंड्स की तुलना करें
- अपने टार्गेट को ध्यान में रखते हुए निवेश करें
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर म्यूचुअल फंड एसआईपी की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। म्यूचुअल फंड में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
