India economic conclave 2023: यह लगातार तीसरा साल है जब भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही है। अगले दो वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में एक लाख करोड़ डॉलर का और इजाफा हो जाएगा। अर्थव्यवस्था के हर मोर्चे पर भारत नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था का फायदा दुनिया के अन्य देशों को भी मिल रहा है। यह बातें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अध्यक्ष बोर्ज ब्रेंडे ने गुरुवार को इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में कहीं।
बर्फ के गोले की तरह बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था-ब्रेंडे
कॉन्क्लेव में वर्चुअल तरीके से शामिल हुए ब्रेंडे ने कहा कि 'अत्यंत महत्वपूर्ण समय में इस कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल भारत का ग्रोथ 6 प्रतिशत की दर से होने का अनुमान है और यह लगातार तीसरी बार है जब भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी के साथ बढ़ रही है। यह उपब्लिध हासिल करने के लिए वह भारत को बधाई देते हैं।' उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बर्फ जब लुढ़कना शुरू होती है तो वह धीरे-धीरे बड़ी होती जाती है, भारतीय अर्थव्यवस्था भी इसी तरह से बड़ी हो रही है।
'अर्थव्यवस्था को मिल रहा आर्थिक सुधारों का फायदा'
ब्रेंडे ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया है। दक्षिण एशिया के इस प्रमुख देश की इकॉनमी तीन लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा की हो गई है। अगले दो वर्षों में इसमें एक ट्रिलियन डॉलर की और वृद्धि हो जाएगी। भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था का फायदा दुनिया के अन्य देशों को मिल रहा है। अर्थव्यवस्था के हर मोर्चे पर भारत नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भारत स्टार्टअप (यूनिकॉर्न) के मामले में दुनिया का तीसरे सबसे बड़ा देश है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में किए गए आर्थिक सुधारों का फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा है। भारत का आर्थिक विकास एकांगी नहीं बल्कि समावेशी है। सरकार ने बुनियादी संरचना सहित सुदूर क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और लोगों का जीवनस्तर ऊपर उठाने के लिए निवेश बढ़ाया है।
