रूस-यूक्रेन युद्ध भी है एक वजह
यह गंभीर अनुमान वर्ल्ड बैंक के कमोडिटी मार्केट आउटलुक का हिस्सा है, जिसके अनुसार तेल के दाम बढ़ने के पीछे इजराइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध के अलावा रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष को भी एक बड़ा कारण हो सकता है।
घट सकती है तेल की आपूर्ति
विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार यदि कोई बड़ी अड़चन आती है तो वैश्विक तेल सप्लाई में प्रति दिन 6 मिलियन से 8 मिलियन बैरल की गिरावट आएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे शुरुआत में कीमतें 56% से 75% बढ़कर 140 डॉलर से 157 डॉलर प्रति बैरल के बीच पहुंच सकती हैं।
छोटी दिक्कत से भी बढ़ेंगे दाम
विश्व बैंक का अनुमान है कि यदि मीडियम लेवल का जोखिम पैदा होता है तो उसमें कच्चा तेल 109 डॉलर से 121 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। छोटे स्तर की अड़चन से भी तेल की कीमतें 93 डॉलर से 102 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ जाएंगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल और अन्य वस्तुओं की बढ़ी हुई कीमतें रीजन और दुनिया भर में फूड इनसिक्योरिटी को बढ़ा देंगी।
इस समय ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स के दाम 89.53 डॉलर प्रति बैरल पर हैं, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 84.42 डॉलर पर है।
