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RBI गवर्नर बोले- अंडरवैल्यूड है भारतीय मुद्रा, फिर भी आज डॉलर के सामने धड़ाम हुआ रुपया, आखिर क्यों?

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि भारतीय रुपया अभी अंडरवैल्यूड है। इसके बावजूद रुपये में गिरावट नहीं थमी।

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लुढ़का रुपया

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में बड़ी गिरावट रही। यह गिरावट भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 5.5 प्रतिशत किए जाने के बाद आई। रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 43 पैसे टूटकर 96.78 (अस्थायी) के स्तर पर रहा। वहीं, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि कई अनुमानों के अनुसार भारतीय रुपया अभी अपनी सही कीमत से नीचे यानी अंडरवैल्यूड है। उन्होंने कहा कि RBI रुपये को उसकी सही कीमत तक पहुंचने में मदद करेगा और उसकी स्थिरता के लिए जरूरी कदम उठाएगा। आखिर, इसके बाद भी रुपया क्यों टूट गया? आइए जानते हैं।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.37 प्रति डॉलर पर खुला। यह 96.34 से 96.84 प्रति डॉलर के दायरे में कारोबार करने के बाद अंत में 96.78 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 43 पैसे की गिरावट है। रुपया मंगलवार को 96.35 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

करेंसी एक्सपर्ट ने क्या कहा?

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा कि आरबीआई के सख्त रुख वाले बयान के बाद महंगाई को लेकर नई चिंता से बाजार धारणा प्रभावित हुई। रुपया टूटा और उसका बंद भाव अब तक का दूसरा सबसे कमजोर स्तर रहा। साथ ही, यह ज्यादातर एशियाई मुद्राओं की तुलना में कमजोर रहा। उन्होंने कहा हि कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी तथा जोखिम से बचने की धारणा की एक नई लहर ने रुपये पर और दबाव डाला। निकट अवधि में डॉलर के मुकाबले रुपये के 96.97 से 96.30 के बीच रहने का अनुमान है।

करीब 4 साल बाद रेपो रेट में बढ़ोतरी

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को लगातार जारी पश्चिम एशिया संकट के बीच बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 5.5 प्रतिशत कर दिया। आरबीआई ने आखिरी बार फरवरी, 2023 में रेपो दर बढ़ाई थी। आरबीआई द्वारा अल्पावधि की ऋण दर (रेपो) में बढ़ोतरी उसके पिछले नीतिगत कदम से बदलाव को दर्शाती है।

डॉलर इंडेक्स में उछाल

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.45 प्रतिशत बढ़कर 102.28 पर रहा। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 1.34 प्रतिशत बढ़कर 101.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 429.11 अंक टूटकर 72,638.70 अंक पर जबकि निफ्टी 173.05 अंक फिसलकर 22,603.05 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 2,961.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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