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Repo-Crude के डबल झटके से हिला बाजार, ₹3,69,770 करोड़ साफ, Sensex 429, Nifty 173 अंक नीचे बंद

शेयर बाजार को आज रेपो रेट और क्रूड ऑयल का डबल झटका लगा है। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी के साथ ही पूरे बाजार पर बिकवाली हावी रही। खासतौर पर ऑटो, रियल्टी, मेटल और FMCG शेयरों में बिकवाली हुई है।

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शेयर बाजार में गिरावट

Share Market Closing Bell Today : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 7 अक्टूबर को तेज गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ। रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इसके साथ ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और रुपये में कमजोरी ने भी सेंटीमेंट खराब किया। कारोबार के अंत में Nifty 173.05 अंक यानी 0.76% गिरकर 22,603.05 पर बंद हुआ। वहीं Sensex 429.11 अंक यानी 0.59% टूटकर 72,638.70 पर पहुंच गया। बाजार में हुई चौतरफा बिकवाली के चलते निवेशकों को ₹3,69,770 करोड़ का नुकसान हुआ है।

रेपो रेट ने बढ़ाया दबाव

RBI ने पॉलिसी रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया। यह फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, साइक्लिकल महंगाई के बढ़ते जोखिम और पॉलिसी स्टांस में बदलाव ने बाजार को यह संकेत दिया कि RBI महंगाई को लेकर ज्यादा सख्त रुख अपना रहा है। हालांकि, बाजार रेपो रेट के झटके को काफी हद तक पहले ही प्राइस इन कर चुका था, इसी वजह से वोलैटिलिटी में खास इजाफा देखने को नहीं मिला है। यही वजह रही कि India VIX 13.92 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद 13.61 से 0.31 अंक यानी 2.29% ऊपर रहा।

इन सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली

सेक्टर के स्तर पर आज Metal इंडेक्स सबसे बड़ा लूजर रहा। Nifty Metal 2.33% गिरा। इसके बाद Realty इंडेक्स में 1.77%, Auto में 1.58% और IT में 1.34% की गिरावट रही। Consumer Durables भी 1.14% नीचे रहा, जबकि FMCG 0.89% और Cement 0.88% टूटे।

इसके उलट कुछ सेक्टरों ने बाजार की गिरावट को सीमित करने की कोशिश की। Nifty PSU Bank 1% चढ़ा, जबकि Private Bank में 0.08% की मामूली बढ़त रही। Media इंडेक्स भी 0.69% ऊपर बंद हुआ। Smallcap इंडेक्सों में भी अपेक्षाकृत मजबूती नजर आई और Nifty Smallcap 100 में 0.30% की बढ़त रही।

सेक्टरइंडेक्सबंद स्तरबदलाव
MetalNifty Metal12,306.70-2.33%
RealtyNifty Realty822.60-1.77%
AutoNifty Auto25,138.90-1.58%
ITNifty IT27,757.80-1.34%
Consumer DurablesNifty Consumer Durables36,331.80-1.14%
PSU BankNifty PSU Bank8,088.70+1.00%
MediaNifty Media1,578.50+0.69%
Private BankNifty Private Bank27,115.90+0.08%
Financial ServicesNifty Financial Services 25/5026,778.25-0.23%
HealthcareNifty Healthcare Index16,059.15-0.26%
Financial Services ex-BankNifty Financial Services ex-Bank29,658.10-0.15%
PharmaNifty Pharma26,436.55-0.43%
Oil & GasNifty Oil & Gas10,622.80-0.51%
ReITs & RealtyNifty REITS & Realty1,852.45-0.65%
ChemicalsNifty Chemicals28,305.55-0.83%
CementNifty Cement13,496.80-0.88%
FMCGNifty FMCG44,800.85-0.89%
MidSmall Financial ServicesNifty MidSmall Financial Services21,073.40-0.28%
MidSmall IT & TelecomNifty MidSmall IT & Telecom9,727.90-0.27%
MidSmall HealthcareNifty MidSmall Healthcare51,035.80-0.10%
MidSmall HealthcareNifty500 Healthcare21,002.85-0.26%

क्रूड ऑयल और FII बिकवाली ने बढ़ाई चिंता

बाजार पर कच्चे तेल की कीमतों का दबाव भी बना रहा। Brent Crude करीब 1.10% बढ़कर $101.69 प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में तेजी से भारत के इम्पोर्ट बिल और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है। दूसरी ओर विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार आठवें कारोबारी सत्र में बिकवाली करते रहे। 6 अक्टूबर को FIIs ने करीब ₹2,961 करोड़ की इक्विटी बेची थी।

AssetCurrent/Closeबदलाव% बदलाव
USD/INR96.77+0.34+0.35%
Dollar Index102.2700+0.4400+0.43%
Brent Crude$101.69+1.11+1.10%
Crude Oil$89.89+0.45+0.51%
Gold$4,119.26-45.29-1.09%

रुपये में कमजोरी से भी दबाव

डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर हुआ। रुपया करीब 22 पैसे गिरकर 96.57 प्रति डॉलर पर आ गया। 7 अक्टूबर को USD/INR करीब 96.77 के स्तर पर था। कमजोर रुपया और महंगा क्रूड भारतीय बाजार के लिए डबल दबाव बना रहे हैं। तकनीकी स्तर पर बाजार के लिए 22,690 का स्तर अहम बना हुआ है। Nifty में आगे भी उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन अगर गिरावट 22,574 के आसपास सीमित रहती है, तो तेजी दोबारा लौट सकती है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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