Wipro FY 2022-23 Q4 Results: इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) सेक्टर की दिग्गज भारतीय कंपनी विप्रो ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए। विप्रो द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक चौथी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 0.4 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 3,074.5 करोड़ रुपये रहा। इसके साथ ही कंपनी ने 26.96 करोड़ इक्विटी शेयरों के बायबैक की भी घोषणा की है।
वित्त वर्ष 2021-22 में 3,087.3 करोड़ रुपये था विप्रो का शुद्ध लाभ
विप्रो ने गुरुवार को शेयर बाजारों को जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजों की जानकारी दी। बताते चलें कि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में इस भारतीय आईटी कंपनी का शुद्ध लाभ 3,087.3 करोड़ रुपये रहा था। विप्रो के मुताबिक, मार्च तिमाही में उसका राजस्व सालाना आधार पर 11.17 प्रतिशत बढ़कर 23,190.3 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी के राजस्व में 14.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी
कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पूरे वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का शुद्ध लाभ 7.1 प्रतिशत गिरकर 11,350 करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि, कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 में कुल 90,487.6 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया जो वित्त वर्ष 2021-22 की तुलना में 14.4 प्रतिशत अधिक है।
445 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 26.96 करोड़ इक्विटी शेयर के बायबैक का प्रस्ताव
विप्रो के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 445 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 26.96 करोड़ इक्विटी शेयरों के बायबैक के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये शेयर कुल चुकता इक्विटी शेयरों का 4.91 प्रतिशत हैं। शेयर बायबैक पर करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। कंपनी ने कहा कि उसके प्रोमोटर ग्रुप समूह और प्रोमोटर मेंबर्स ने प्रस्तावित शेयर बायबैक प्रोसेस में शामिल होने की मंशा जताई है।
ये दिग्गज आईटी कंपनियां पहले ही जारी कर चुकी हैं नतीजे
विप्रो से पहले देश की अन्य दिग्गज आईटी कंपनियां टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल पहले ही वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर चुकी हैं।
भाषा इनपुट्स के साथ
