Wipro Q2 Results, Bonus Share Ratio Announced: इंफॉर्मेशन टैक्नोलॉजी (आईटी) कंपनी विप्रो का चालू वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही का एकीकृत नेट प्रॉफिट 21.2 प्रतिशत बढ़कर 3,208.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में कंपनी का नेट प्रॉफिट 2,646.3 करोड़ रुपये रहा था। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 0.95 प्रतिशत घटकर 22,301.6 करोड़ रुपये रही जो पिछले साल की समान तिमाही में 22,515.9 करोड़ रुपये थी। बेंगलुरु स्थित आईटी फर्म विप्रो ने 1:1 के अनुपात में बोनस जारी करने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि शेयरधारक को प्रत्येक शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर मिलेगा। यह 14वीं बार है जब विप्रो निवेशकों को बोनस शेयर जारी कर रही है, जो किसी भी निफ्टी 50 कंपनी के लिए सबसे अधिक है।
विप्रो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीनि पल्लिया ने कहा कि दूसरी तिमाही में मजबूत क्रियान्वयन से मदद मिली, जिससे कंपनी राजस्व वृद्धि, बुकिंग और मुनाफे के मामले में अपनी उम्मीदों को पूरा करने में सक्षम हुई। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 1:1 में बोनस शेयर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। रिकॉर्ड डेट तक कंपनी के पात्र शेयरधारकों को प्रत्येक पूर्ण-चुकता शेयर पर 2 रुपये अंकित मूल्य वाला एक शेयर दिया जाएगा। बीएसई में गुरुवार को कंपनी का शेयर 0.65 प्रतिशत के नुकसान से 528.80 रुपये पर बंद हुआ।
विप्रो बोनस शेयर क्रेडिट डेट
क्रेडिट डेट के लिए विप्रो ने कहा कि बोर्ड की मंजूरी की तारीख से 2 महीने के भीतर शेयर क्रेडिट या डिस्पैच किए जाएंगे, यानी 15 दिसंबर, 2024। क्रेडिट तारीख वह डेट है जब बोनस शेयर पात्र शेयरधारकों के डीमैट खातों में जमा हो जाते हैं।
विप्रो बोनस इतिहास
विप्रो ने पहली बार 1971 में अपने निवेशकों को बोनस शेयर जारी किए थे। हाल ही में इसने सबसे ज्यादा बोनस शेयर 2019 में जारी किए थे, जहां शेयरधारकों को उनके पास मौजूद हर एक शेयर के बदले तीन अतिरिक्त शेयर मिले थे। कंपनी ने 1981 से 1996 तक छह बार और फिर 1997, 2004, 2005, 2010, 2017 और 2019 में निवेशकों को बोनस शेयर देकर पुरस्कृत किया है। इसकी तुलना में इंफोसिस ने लिस्टेड कंपनी बनने के बाद से आठ बार बोनस शेयर जारी किए हैं, जबकि टीसीएस ने केवल तीन बार ऐसा किया है।
कंपनियां स्टॉक में तरलता बढ़ाने और निवेशकों के व्यापक आधार के लिए इसे अधिक किफायती बनाने के लिए बोनस शेयर जारी करती हैं। बोनस शेयर मौजूदा शेयरधारकों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के दिए गए पूर्ण भुगतान वाले अतिरिक्त शेयर होते हैं। प्राप्त बोनस शेयरों की संख्या निवेशक के पास पहले से मौजूद शेयरों की संख्या के समानुपातिक होती है।
