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Times Network Sustainability Conclave 2026 : विंड-सोलर एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में जमकर हुआ निवेश, जल्द सस्ती होगी बिजली : प्रल्हाद जोशी

Times Network Sustainability Conclave 2026 को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि देश में विंड, सोलर और बैटरी स्टोरेज पर किए जा रहे खर्च का नतीजा जल्द दिखेगा। इसकी वजह से बिजली की कीमत कम होगी।

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टाइम्स नेटवर्क की तरफ से आयोजित सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव में प्रल्हाद जोशी

Photo : Times Now Digital

Adani Presents Times Network Sustainability Conclave 2026 Co-powered by MAHATRANSCO : केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि सरकार बैटरी स्टोरेज सिस्टम में भारी निवेश कर रही है। जल्द ही इसके नतीजे दिखने लगेंगे। उन्होंने कहा, "पिछले साल बैटरी कैपेसिटी बढ़ाने के मामले में भारत दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया। हम बैटरी स्टोरेज सिस्टम में भारी निवेश कर रहे हैं, जिसमें विंड, सोलर स्टोरेज सिस्टम पर खास ध्यान दिया जा रहा है। जल्द ही नतीजे दिखेंगे, और इससे बिजली की लागत कम होगी।"

नई दिल्ली में अडानी समूह की प्रस्तुति टाइम्स नेटवर्क सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव 2026 में बोलते हुए उन्होंने भारत की आर्थिक मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "पश्चिम एशिया में संघर्ष और अनिश्चित के माहौल के बावजूद, भारत की इकोनॉमी मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मजबूत रही है। उन्होंने कहा, आज, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकोनॉमी के साथ ही दुनिया की सबसे भरोसेमंद ग्रोथ स्टोरी बन रहा है।

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र करते हुए जोशी ने कहा, "हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन भारत को उन चुनिंदा देशों में शामिल करती है, जो नेक्स्ट-जेनरेशन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी में इन्वेस्ट कर रहे हैं।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स खुश

कॉन्क्लेव में ‘फाइनेंसिंग इंडियाज ग्रीन इकोनॉमी’ सत्र में वर्ल्ड बैंक ग्रुप की प्राइवेट सेक्टर ब्रांच, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC) में ऑपरेशंस और क्लाइमेट चेंज के साउथ एशिया रीजनल हेड, शलभ टंडन भी शामिल हुए। उन्होंने इंडिया के ग्रीन ट्रांजिशन को लेकर इन्वेस्टर्स की भावनाओं पर अपने विचार रखे।

टंडन ने कहा, “ज्यादातर ग्लोबल इन्वेस्टर्स भारत में रिस्क लेने और निवेश करने में खुश हैं।” हालांकि, उन्होंने करेंसी रिस्क को लेकर चिंता जाहिर कते हुए कहा, “पिछले 1.5 सालों में करेंसी को बड़ा झटका लगा है, इसलिए करेंसी को लेकर ग्लोबल इन्वेस्टर्स की सोच बदल गई है। निवेशक अब डेट फाइनेंसर के तौर पर इंडिया आना चाहते हैं। इसके लिए वे हेजिंग या स्वैप मैकेनिज्म ढूंढ रहे हैं। यही वजह है कि वे अब लेंडर्स के तौर पर आ रहे हैं।”

करेंसी रिस्क चिंताजनक

शेयर बाजार को लेकर विदेशी निवेशकों की भावनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, “अगर विदेशी निवेशक इक्विटी इन्वेस्टर्स के तौर पर आते हैं, तो करेंसी रिस्क और भी जरूरी हो जाता है, इसलिए वे अपनी ओवरऑल पोर्टफोलियो बुक देख रहे हैं और देख रहे हैं कि क्या यह सही है।” भारत के करेंसी रिस्क को मैनेज करने के प्रयासों को लेकर उन्होंने कहा, “वर्ल्ड बैंक ग्रुप सरकार और रेगुलेटर के साथ मिलकर यह देखने के लिए काम कर रहा है कि हम इस करेंसी रिस्क को मैनेज करने में कैसे भूमिका निभा सकते हैं।”

मोहन यादव ने भी भेजा संदेश

इस समिट में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी एक खास वीडियो संदेशी भेजा, जिसमें उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर, हम 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के जरिए हर साल 1.1 लाख हेक्टेयर जंगल का एरिया सफलतापूर्वक बढ़ा रहे हैं।"

कई जाने-माने लोग हुए शामिल

दिन भर चले इस कॉन्क्लेव में कई जाने-माने लोग भी शामिल हुए, जिनमें एक्टर और सस्टेनेबिलिटी एडवोकेट श्रेया पिलगांवकर और अदा शर्मा शामिल थीं, जिन्होंने सस्टेनेबल बदलाव लाने में लोगों और समुदायों की भूमिका पर चर्चा की। 'इंडिया 2035: ए सेल्फ-रिलायंट नेशन' थीम वाले इस कॉन्क्लेव में भारत के लंबे समय के सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को पाने में रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन फाइनेंसिंग, टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और नागरिकों की भागीदारी जैसे जरूरी विषयों पर बात की गई।

TNN Business Desk
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