पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) को भारत में सबसे सुरक्षित और लोकप्रिय लंबी अवधि के निवेश विकल्पों में से एक माना जाता है। टैक्स छूट और सरकारी गारंटी के कारण करोड़ों लोग इसमें निवेश करते हैं। आमतौर पर लोग यही जानते हैं कि PPF का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है और इसके बाद पैसा निकाला जा सकता है। लेकिन हकीकत में, Calculation की वजह से आपका पैसा आपके बैंक खाते में आने में 15 साल नहीं बल्कि पूरे 16 साल या उससे भी अधिक समय लग सकता है। यह सुनकर कई निवेशक हैरान हो सकते हैं, लेकिन इसके पीछे की वजह Financial Year का नियम है।
15 साल की गिनती कब से शुरू होती है?
PPF के नियमों के अनुसार, 15 साल की मैच्योरिटी अवधि उस साल से नहीं गिनी जाती जिस दिन आपने खाता खुलवाया है। असल में, इसकी गिनती उस वित्तीय वर्ष के अंत से शुरू होती है जिसमें आपने अपना पहला योगदान (Contribution) दिया था। उदाहरण के लिए, अगर आपने 1 जुलाई 2024 को अपना PPF खाता खोला है, तो आपके 15 साल की गिनती 1 जुलाई से शुरू नहीं होगी। इसकी गिनती उस वित्तीय वर्ष के खत्म होने के बाद यानी 1 अप्रैल 2025 से शुरू होगी। इस तकनीकी पेंच की वजह से आपका पैसा असल में 15 साल 9 महीने तक लॉक रहता है।
क्यों लग जाते हैं पूरे 16 साल?
नियम यह कहता है कि 15 पूरे वित्तीय वर्ष खत्म होने के बाद ही खाता मैच्योर माना जाता है। यदि हम ऊपर दिए गए उदाहरण को देखें, तो 1 अप्रैल 2025 से शुरू होकर 15 साल 31 मार्च 2040 को पूरे होंगे। चूंकि आपने खाता जुलाई 2024 में ही खोल लिया था, इसलिए जुलाई 2024 से मार्च 2040 तक का कुल समय लगभग 15 साल और 8 महीने हो जाता है। व्यावहारिक रूप से आप अपना पैसा 1 अप्रैल 2040 को ही निकाल पाएंगे, जो कि आपके खाता खोलने की तारीख से लगभग 16वें साल की शुरुआत है। यही कारण है कि विशेषज्ञ अक्सर कहते हैं कि PPF में पैसा 15 नहीं बल्कि 16 साल तक 'फंस' सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
इस स्थिति से बचने का कोई तरीका तो नहीं है क्योंकि यह सरकारी नियम है, लेकिन आप अपनी रणनीति बेहतर बना सकते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपका पैसा कम से कम समय के लिए लॉक रहे, तो कोशिश करें कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत में यानी अप्रैल के महीने में ही अपना खाता खोलें। इसके अलावा, PPF में ब्याज की गणना महीने की 1 से 5 तारीख के बीच जमा की गई राशि पर होती है। इसलिए अधिकतम लाभ पाने के लिए हर महीने की 5 तारीख से पहले या साल की शुरुआत में ही पैसा जमा कर देना चाहिए।
मैच्योरिटी के बाद क्या हैं विकल्प?
15 साल (तकनीकी रूप से 16 साल) पूरे होने के बाद आपके पास तीन विकल्प होते हैं। पहला, आप पूरा पैसा ब्याज समेत निकाल सकते हैं। दूसरा, आप बिना नया निवेश किए अपने खाते को अगले 5-5 साल के ब्लॉक में जितनी बार चाहें बढ़ा सकते हैं, जिस पर आपको ब्याज मिलता रहेगा। तीसरा, आप नए निवेश के साथ खाते को 5 साल के लिए बढ़ा सकते हैं। यह ध्यान रखना जरूरी है कि अगर आप खाता बढ़ाना चाहते हैं, तो मैच्योरिटी के एक साल के भीतर आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस को सूचित करना होता है।
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