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रिटायरमेंट के लिए Emergency Fund और Retirement Fund अलग क्यों रखें, जानिए क्या है इसका फायदा

अगर आप भी रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे हैं तो यह समझना बेहद जरूरी है कि आपको Emergency Fund और Retirement Fund दोनों अलग-अलग क्यों रखने चाहिए।

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रिटायरमेंट और इमरजेंसी फंड अलग-अलग क्यों रखें (Photo: iStock)

किसी भी व्यक्ति के पास रिटायरमेंट के लिए इमरजेंसी फंड (Emergency Fund) और रिटायरमेंट फंड (Retirement Fund) की अलग व्यवस्था होनी चाहिए। दरअसल, Emergency Fund और Retirement Fund दोनों ही बेहतर वित्तीय योजना के लिए जरूरी माने जाते हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य अलग होता है। Emergency Fund अचानक आने वाली आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है, जबकि Retirement Fund नौकरी या नियमित आय बंद होने के बाद के खर्चों के लिए तैयार किया जाता है। आइए समझते हैं भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए दोनों फंड को अलग-अलग रखना जरूरी है।

इमरजेंसी फंड कब आता है काम

Emergency Fund वह पैसा है जिसे अचानक आने वाले खर्चों के लिए सुरक्षित रखा जाता है। नौकरी जाने, मेडिकल इमरजेंसी, घर की जरूरी मरम्मत या परिवार में किसी अप्रत्याशित खर्च की स्थिति में यह पैसा काम आता है। आमतौर पर कम से कम 3 से 6 महीने के जरूरी खर्च के बराबर रकम Emergency Fund में रखने की सलाह दी जाती है। जिन लोगों की आय अनियमित है, वे इससे ज्यादा रकम भी रख सकते हैं।

इस फंड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अचानक खर्च आने पर आपको किसी से उधार लेने या क्रेडिट कार्ड का सहारा लेने की जरूरत कम पड़ती है। साथ ही, आप अपनी लंबी अवधि की निवेश योजनाओं को बीच में तोड़ने से भी बच सकते हैं। Emergency Fund का पैसा ऐसी जगह रखना बेहतर होता है, जहां जरूरत पड़ने पर उसे आसानी से निकाला जा सके।

Retirement Fund कब आता है काम

Retirement Fund का उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी के लिए पैसा तैयार रखना है। नौकरी के दौरान हर महीने नियमित सैलरी मिलती है, लेकिन रिटायरमेंट के बाद यह आय बंद हो सकती है। ऐसे में घर का खर्च, मेडिकल जरूरतें, यात्रा और दूसरी जरूरतों के लिए अपनी बचत और निवेश पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

Retirement Fund बनाने के लिए EPF, PPF, NPS और लंबी अवधि की SIP जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। जितनी जल्दी रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू किया जाता है, उतने लंबे समय तक निवेश को बढ़ने और कंपाउंडिंग का लाभ मिलने का मौका मिलता है।

दोनों फंड अलग रखना क्यों जरूरी है?

अगर Emergency के लिए रखा पैसा Retirement Fund में ही निवेश कर दिया जाए, तो अचानक जरूरत पड़ने पर लंबी अवधि का निवेश निकालना पड़ सकता है। इससे रिटायरमेंट के लिए तैयार होने वाला कुल फंड प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर, अगर Retirement Fund को बार-बार छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, तो रिटायरमेंट का लक्ष्य पूरा करना मुश्किल हो सकता है।

इसलिए Emergency Fund को तत्काल आर्थिक सुरक्षा और Retirement Fund को भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के तौर पर देखना चाहिए। दोनों फंड साथ होने से अचानक आने वाले खर्चों का सामना करना आसान होता है और रिटायरमेंट के लिए किए गए निवेश को लंबे समय तक बढ़ने का मौका मिलता है। यही वजह है कि बेहतर वित्तीय योजना में दोनों की अपनी अलग भूमिका है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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