Urban Company Share Price: एक ही दिन में Urban Company के शेयर में 16% के तेज उछाल ने निवेशकों को चौंका दिया, खासकर तब जब 3 बड़े निवेशकों ने 734 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। आमतौर पर ऐसी बिकवाली दबाव बनाती है, लेकिन यहां उल्टा हुआ। इसके पीछे मजबूत डिमांड और बड़े निवेशकों की एंट्री है। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे अर्बन कंपनी का शेयर NSE पर 17.70 रुपये के उछलकर 16.07 % की तेजी के साथ 127.81 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।
734 करोड़ की ब्लॉक डील, फिर भी क्यों भागा स्टॉक
DF International Partners, ABG Capital और Wellington Hadley Harbor ने मिलकर करीब 4.6% हिस्सेदारी बेच दी। कुल डील वैल्यू 734 करोड़ रुपये रही। इतनी बड़ी सप्लाई बाजार में आने के बावजूद शेयर में गिरावट नहीं आई, बल्कि तेजी दिखी। इसका सीधा मतलब है कि बाजार में डिमांड सप्लाई से ज्यादा मजबूत रही।
SBI Mutual Fund की एंट्री ने बदला गेम
इस पूरी ब्लॉक डील का सबसे बड़ा ट्रिगर रहा SBI Mutual Fund की आक्रामक खरीद। फंड ने करीब 632 करोड़ रुपये के शेयर खरीद लिए।
जब बड़े घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) किसी स्टॉक में इतनी बड़ी हिस्सेदारी लेते हैं, तो यह बाजार के लिए मजबूत भरोसे का संकेत होता है। इसी वजह से निवेशकों का सेंटीमेंट पॉजिटिव हुआ।
मुनाफावसूली ने बनाई सप्लाई
यह बिकवाली ऐसे समय आई जब प्री-IPO निवेशकों का लॉक-इन पीरियड खत्म हुआ। ऐसे में शुरुआती निवेशकों द्वारा एग्जिट लेना एक सामान्य प्रक्रिया है। DF और Wellington ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी, जो वैल्यू अनलॉकिंग का हिस्सा माना जा रहा है, न कि कंपनी के फंडामेंटल पर सवाल।

अरबन कंपनी के शेयरों में तेजी
ब्रोकरेज बुलिश
JM Financial ने कुछ दिन पहले ही स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग देते हुए 125 रुपये का टारगेट दिया था। बुधवार की तेजी के साथ ही, यह टारगेट हिट हो गया है। ब्रोकरेज के मुताबिक Urban Company अपने सेगमेंट में 60%+ मार्केट शेयर के साथ मजबूत लीडर है और इसका नेटवर्क इफेक्ट इसे प्रतिस्पर्धियों से आगे रखता है।
InstaHelp और ग्रोथ की नई कहानी
कंपनी का नया InstaHelp मॉडल बड़ा ट्रिगर बन सकता है। 15 मिनट ऑन-डिमांड सर्विस के जरिए Urban Company करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये के संभावित बाजार को टारगेट कर रही है। डेली हाउसकीपिंग जैसे सेगमेंट ग्राहक जुड़ाव बढ़ाते हैं, जिससे रिपीट बिजनेस और प्रीमियम सर्विस की डिमांड बढ़ने की संभावना है।
फंडामेंटल सपोर्ट भी बना ताकत
कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है, जो बैलेंस शीट को मजबूत बनाता है। FY25 में ROE 13.35% रहा है, जो पिछले औसत से बेहतर है। हालांकि, कंपनी अभी प्रॉफिटेबिलिटी के ट्रांजिशन फेज में है, इसलिए EPS निगेटिव बना हुआ है।
क्या निवेशकों को रहना चाहिए सावधान?
Urban Company का यह उछाल सिर्फ न्यूज-ड्रिवन नहीं बल्कि स्ट्रॉन्ग डिमांड और लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी से जुड़ा है। लेकिन लॉक-इन खुलने के बाद आगे भी सप्लाई आ सकती है, जिससे शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में यह स्टॉक हाई ग्रोथ के साथ हाई वोलैटिलिटी वाला बना रहेगा।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
