Why Market is down today: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1,000 अंक लुढ़ककर 73,602 पर आ गया, जबकि निफ्टी 22,270 के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट की मुख्य वजह बैंकिंग और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही।
बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण ₹7.16 लाख करोड़ घटकर ₹385.94 लाख करोड़ रह गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 4% तक की गिरावट दर्ज की गई, वहीं टेक महिंद्रा, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और एमफैसिस सबसे ज्यादा नुकसान में रहे।
शेयर बाजार गिरने के 5 बड़े कारण
1) जीडीपी डेटा से पहले निवेशकों में घबराहट
निवेशक दिसंबर तिमाही के जीडीपी डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जो बाजार बंद होने के बाद जारी होगा। आर्थिक मंदी की आशंकाओं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है।
2) ट्रंप के टैरिफ फैसले से अनिश्चितता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको से आयात पर 25% शुल्क लगाने की तारीख 4 मार्च कर दी है। साथ ही, चीन और यूरोपीय संघ पर भी नए आयात शुल्क लगाए गए हैं। इस व्यापारिक अनिश्चितता के चलते वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है।
3) आईटी शेयरों में गिरावट
अमेरिकी चिपमेकर Nvidia के कमजोर नतीजों के बाद आईटी सेक्टर पर दबाव बढ़ गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.2% गिरा, जिसमें टेक महिंद्रा, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और एमफैसिस को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
4) डॉलर इंडेक्स में उछाल
डॉलर इंडेक्स 107.35 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए उभरते बाजारों में निवेश महंगा हो गया। मजबूत डॉलर के चलते भारतीय बाजारों से विदेशी पूंजी बाहर जा रही है।
5) विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली
2025 में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने ₹1,13,721 करोड़ के शेयर बेचे हैं। सिर्फ फरवरी में ही ₹47,349 करोड़ की बिकवाली हुई है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
