Why share Market is Down Toady: आज शेयर बाजार में गिरावट क्यों आई?। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स जहां 1236 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 365 अंक की गिरावट के साथ 25,454.35 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले तीन दिन से बाजार में लगातार खरीदारी का रुख मजबूत हो रहा था। लेकिन, गुरुवार को सेंसेक्स की एक्सपायरी के दिन दोपहर बाद अचानक बजार में चौतरफा बिकवाली शुरू हुई। इसकी वजह भारतीय बाजार में लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में 7 लाख करोड़ रुपये के करीब कमी आई है।
कैसा रहा सेंसेक्स-निफ्टी का हाल?
दोनों बेंचमार्क में कारोबार की शुरुआत पॉजिटिव सेंटिमेंट के साथ हुई। लेकिन, इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ता गया है। सेंसेक्स में कारोबार की शुरुआत 83,969.82 अंक से हुई। वहीं, शुरुआती कारोबार के दौरान ही इंडेक्स 83,979.36 के इंट्रा डे हाई तक पहुंच गया। लेकिन, दिन के आखिर में बिकवाली का दबाव बढ़ा और इंट्रा डे में यह 82,264.20 अंक तक फिसल गया। दिन के आखिर में 1.48% की गिरावट के साथ 1236.11 अंक टूटकर 82,498.14 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 25,873.35 अंक पर ओपन हुआ और 25,885.30 के इंट्रा डे हाई तक गया, लेकिन इसके बाद बिकवाली के दबाव में 25,388.75 अंक तक गिर गया। दिन के अंत में 1.41% गिरावट के साथ 365 अंक टूटकर 25,454.35 अंक पर बंद हुआ।
किस सेक्टर में आई सबसे ज्यादा तबाही?
आज सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे ज्यादा तबाही Nifty Realty में देखने को मिली, जो करीब 2.56% टूटकर दिन का सबसे बड़ा गिरने वाला सेक्टर रहा। इसके बाद Nifty Media में 2.23% और Nifty Auto में लगभग 2.10% की गिरावट दर्ज हुई। रियल्टी शेयरों में तेज बिकवाली से संकेत मिलता है कि ऊंचे ब्याज दर और फंडिंग कॉस्ट को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी हुई है, जिससे पूरे रियल एस्टेट स्पेस पर दबाव बना। कुल मिलाकर बाजार में चौतरफा कमजोरी रही, लेकिन रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा झटका देखने को मिला।

Nifty Sectoral Market
ब्रॉड मार्केट का भी हाल बेहाल
ब्रॉड मार्केट में भी जोरदार दबाव देखने को मिला और गिरावट केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। Nifty Midcap 150 करीब 1.59% टूटा, जबकि Nifty Midcap 50 में लगभग 1.63% की गिरावट दर्ज हुई। स्मॉलकैप स्पेस भी अछूता नहीं रहा, जहां Nifty Smallcap 50 करीब 1.44% और Smallcap 100 लगभग 1.27% फिसला। Nifty Next 50 में 1.86% की कमजोरी ने संकेत दिया कि लार्जकैप के बाहर भी बिकवाली व्यापक रही। कुल मिलाकर बाजार में चौतरफा सेलिंग दिखी, जिससे साफ है कि आज गिरावट सेक्टर-विशेष नहीं बल्कि पूरे ब्रॉड मार्केट में फैली रही।

Nifty Broad Market
क्यो आई गिरावट?
बाजार की गिरावट के पीछे कोई एक बड़ी वजह नहीं है। बल्कि, एक-दूसरे से जुड़ी कई वजहों के चलते बाजार में गिरावट आई है। खासतौर पर ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल परिस्थितियों में तनाव भरा माहौल बाजार को आगे बढ़ने से रोक रहा है। यहां पांच प्रमुख कारणों को बताया गया है, जिनसे बाजार में कमजोरी आई है।- मुनाफावसूली ने तोड़ी रफ्तार : तीन लगातार सत्रों की तेजी के बाद बाजार में ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिली। पिछले सत्रों में निफ्टी और सेंसेक्स करीब 1.4% चढ़े थे, जिसके बाद निवेशकों ने लाभ बुक करना बेहतर समझा। ब्रॉड-बेस्ड सेलिंग के चलते निफ्टी 25,400 के करीब फिसल गया और सेंसेक्स 1,400 अंकों तक टूट गया। बाजार में भागीदारी स्टॉक-विशिष्ट रही, जिससे संकेत मिला कि निवेशक सतर्क हैं।
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल : ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल भी मजबूत स्तर पर रहा। अमेरिका-ईरान तनाव और मिडिल ईस्ट में बढ़ती भू-राजनीतिक गतिविधियों ने सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ा दी। ऊंचे क्रूड दाम भारत जैसे आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाता घाटे की चिंता बढ़ाते हैं, जिससे इक्विटी बाजार पर दबाव आता है।
- फेड की अनिश्चितता और वैश्विक संकेत : अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स ने संकेत दिया कि ब्याज दरों को लेकर नीति-निर्माताओं में मतभेद हैं। यदि दरों में कटौती टलती है या फिर सख्ती जारी रहती है, तो अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ऊंची रह सकती है। इससे विदेशी निवेशकों का रुझान उभरते बाजारों से हटकर अमेरिका की ओर जा सकता है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर दिखा।
- टेक्निकल स्तरों पर दबाव : विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी को मजबूती के लिए 25,900–26,000 के जोन के ऊपर टिकना जरूरी है। फिलहाल 25,700 के आसपास अहम सपोर्ट बताया जा रहा है। इंडेक्स इस रेंज में कंसोलिडेशन मोड में है और निर्णायक ब्रेकआउट के अभाव में ट्रेडर्स सतर्क रुख अपना रहे हैं। ऊपरी स्तरों पर बिकवाली और निचले स्तरों पर सीमित खरीदारी से अस्थिरता बढ़ी।
- बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी : बैंक निफ्टी में करीब 1% की गिरावट दर्ज हुई, जिसमें कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और इंडसइंड बैंक जैसे शेयरों में 1–2% की कमजोरी दिखी। फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में भी दबाव रहा। चूंकि बैंकिंग सेक्टर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इस सेक्टर की गिरावट ने व्यापक बाजार भावनाओं को और कमजोर किया।
