Zerodha Fine Notice: जेरोधा एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (Zerodha Asset Management Private Limited) पर The Ministry of Corporate Affairs ने जुर्माना लगाया है। इसके प्रमुख डायरेक्टर्स जिनमें फाउंडर नितिन कामथ भी शामिल हैं, इन पर तय समय सीमा के अंदर मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) की नियुक्ति नहीं करने और इस प्रकार कानून का उल्लंघन करने के लिए जुर्माना लगाया गया है।
जीरोधा ने खुद ही 9 जनवरी, 2024 को आवेदन दायर किया और स्वीकार किया कि कंपनी ने अधिनियम 2013 की धारा 203 का उल्लंघन किया है। जिसमें उसने मुख्य वित्तीय अधिकारी की नियुक्ति नहीं की थी। इस बात जानकारी कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के तरफ जारी सूचना में आई है।
जुर्माने को लेकर क्या है नियम
अधिनियम की धारा 203(1) के अनुसार जीरोधा एएमसी की 'मान्य सार्वजनिक कंपनी' श्रेणी की कंपनियों में कंपनी सचिव सहित पूर्णकालिक प्रमुख प्रबंधकीय कर्मचारी होने चाहिए। एमसीए की तरफ से 31 जुलाई को प्रकाशित 5 मई, 2024 के एमसीए आदेश के अनुसार, "यदि कोई कंपनी इस धारा के प्रावधानों का पालन नहीं करती है, तो ऐसी कंपनी 5 लाख रुपए का जुर्माना लगेगा और कंपनी के प्रत्येक निदेशक और प्रमुख प्रबंधकीय कर्मचारी जो चूक करते हैं, उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा यदि यह जारी रहती है, तो पहले दिन के बाद प्रत्येक दिन के लिए 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, लेकिन यह जुर्माना 5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगा।"
जुर्माने का अमाउंट कितना है?
जीरोधा एएमसी फर्म पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि 4.08 लाख रुपये का जुर्माना नितिन कामथ पर लगा है। जीरोधा एएमसी कर्मचारियों में निथ्या ईश्वरन, विशाल वीरेंद्र जैन, राजन्ना भुवनेश, तुषार महाजन और शिखा सिंह पर क्रमशः 1.5 लाख रुपये, 3.45 लाख रुपये, 5 लाख रुपये, 1.5 लाख रुपये और 3.45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना नोटिस मिलने के 90 दिनों के भीतर भरने का निर्देश मिला है।
