सरकारी इंजीनियरिंग दिग्गज Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) के शेयरों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एक दिन पहले करीब 9% की तेज गिरावट झेलने के बाद अगले ही कारोबारी सत्र में स्टॉक ने जोरदार वापसी की और इंट्रा-डे में लगभग 5% तक उछल गया। गुरुवार को सरकार की तरफ से चीनी कंपनियों को भारत में एंट्री की मंजूरी देने की खबरें सामने आईं, जिसके बाद भेल के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। हालांकि, तमाम एनालिस्टों ने कहा कि यह कदम भेल पर खास असर नहीं डालेगा। फिलहाल, भेल का शेयर निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। Nifty Today Open Flat भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी की फ्लैट ओपनिंग हुई। इसके बाद शुरुआती सेशन में हल्की तेजी के बाद इंडेक्स लाल निशान में चला गया। जबकि, भेल के शेयर में लगातार मजबूती बनी हुई है।
5400 करोड़ के मेगा ऑर्डर से बदला सेंटिमेंट
BHEL के शेयरों में तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी को मिला करीब 5400 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर है। यह ऑर्डर कोयला गैसीफिकेशन से जुड़े एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए है, जिसमें BHEL डिजाइन, इंजीनियरिंग, इक्विपमेंट सप्लाई, सिविल वर्क, इरेक्शन, कमीशनिंग और O&M सेवाएं देगा। यह प्रोजेक्ट ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में लगाया जाएगा और इसकी समय-सीमा लगभग 60 महीनों की है। इस खबर के सामने आते ही बाजार में BHEL को लेकर भरोसा लौटा और शेयर में खरीदारी तेज हो गई।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेगमेंट में एंट्री
ऑर्डर फ्लो के अलावा BHEL की एक और रणनीतिक उपलब्धि ने निवेशकों का ध्यान खींचा। कंपनी ने Vande Bharat Sleeper Train के लिए सेमी-हाई स्पीड ट्रैक्शन कन्वर्टर्स की सप्लाई शुरू कर दी है। यह BHEL की सेमी-हाई स्पीड प्रोपल्शन सेगमेंट में एंट्री मानी जा रही है। इस सिस्टम की डिजाइन स्पीड 176 किमी प्रति घंटा तक की है, जिससे भविष्य में रेलवे से जुड़े बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले सत्र में आई तेज गिरावट के बाद स्टॉक में वैल्यू बाइंग भी देखने को मिली। BHEL पहले ही पिछले कुछ महीनों में मजबूत रैली दिखा चुका है, ऐसे में मुनाफावसूली के बाद जब पॉजिटिव न्यूज आई तो निवेशकों ने दोबारा पोजिशन बनानी शुरू कर दी। आने वाले समय में BHEL के लिए ऑर्डर बुक, रेलवे और डिफेंस से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स और सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पुश से जुड़ी घोषणाएं अहम रहने वाली हैं। अगर कंपनी इसी तरह बड़े ऑर्डर जीतती रहती है, तो शेयर में उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबी अवधि का ट्रेंड मजबूत बना रह सकता है।
