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करिश्मा के एक्स पति की मौत के बाद 'सास-बहू' में टकराव, सोना कॉमस्टार में विरासत की जंग!

रानी कपूर ने 24 जुलाई को कंपनी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने AGM को कम से कम दो हफ्ते के लिए टालने का अनुरोध किया। उन्होंने लिखा कि उनके बेटे संजय कपूर के हालिया निधन से परिवार शोक में है और कुछ लोग इस मौके का फायदा उठाकर पारिवारिक विरासत पर नियंत्रण पाना चाहते हैं।

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Sunjay Kapur (Pic Credit: Instagram @priyasachdevkapur)

ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी सोना कॉमस्टार (Sona Comstar) में एक पारिवारिक विवाद सामने आया है। कंपनी के दिवंगत चेयरमैन संजय कपूर की मां रानी कपूर ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) को टालने की अपील की थी, लेकिन कंपनी ने इस मांग को नजरअंदाज करते हुए तय समय पर ही बैठक आयोजित की।

रानी कपूर ने क्यों मांगी थी AGM टालने की मांग?

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, रानी कपूर ने 24 जुलाई को कंपनी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने AGM को कम से कम दो हफ्ते के लिए टालने का अनुरोध किया। उन्होंने लिखा कि उनके बेटे संजय कपूर के हालिया निधन से परिवार शोक में है और कुछ लोग इस मौके का फायदा उठाकर पारिवारिक विरासत पर नियंत्रण पाना चाहते हैं। उन्होंने संजय कपूर की मृत्यु को भी “संदिग्ध और अस्पष्ट परिस्थितियों” में बताया। संजय कपूर का निधन 12 जून को लंदन में पोलो खेलते समय हुआ था।

आरोप: AGM में परिवार की जानकारी के बिना लिए जा रहे फैसले

रानी कपूर ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति को निदेशक मंडल में नामित करने या सहमति देने की कोई अनुमति नहीं दी। लेकिन उन्हें जानकारी मिली है कि AGM में कुछ नए निदेशकों की नियुक्ति के प्रस्ताव लाए गए हैं, जो कपूर परिवार के प्रतिनिधि के रूप में पेश किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई।

कंपनी ने क्यों नहीं मानी मांग?

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि रानी कपूर 2019 से कंपनी की शेयरधारक नहीं हैं, इसलिए AGM टालने की उनकी मांग नियमों के तहत मान्य नहीं है।

कंपनी ने कहा कि उन्हें रानी कपूर का ईमेल 24 जुलाई को देर शाम मिला था, लेकिन कानूनी सलाह लेने के बाद यह तय किया गया कि AGM को टालना जरूरी नहीं है। बैठक तय समय पर कानूनी नियमों और नियामकीय प्रक्रिया के अनुसार ही हुई।

संजय कपूर की पत्नी को बोर्ड में जगह

AGM के एजेंडा में दिवंगत संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव कपूर को कंपनी की गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर पर नियुक्त करने का प्रस्ताव भी शामिल था। उन्हें 23 जून 2025 से बोर्ड में नियुक्त किया गया है।

संपत्ति और शेयरधारिता को लेकर भी विवाद

रानी कपूर ने दावा किया कि उनके पति सुरिंदर कपूर की 2015 की वसीयत के अनुसार वह उनकी संपत्ति की एकमात्र लाभार्थी हैं, इसलिए सोना ग्रुप की कंपनियों में उनकी मुख्य हिस्सेदारी है।

हालांकि कंपनी का कहना है कि मई 2019 से संजय कपूर को प्रमोटर कंपनी ऑरेस इन्वेस्टमेंट्स प्रा. लि. (AIPL) के आरके फैमिली ट्रस्ट का एकमात्र लाभार्थी घोषित किया गया था।

कंपनी में हिस्सेदारी की स्थिति

  • सोना कॉमस्टार एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी है
  • इसमें 71.98% हिस्सेदारी सार्वजनिक निवेशकों के पास है
  • 28.02% हिस्सेदारी AIPL के पास, जो प्रमोटर कंपनी है
Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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