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अडानी ग्रुप पर धोखाधड़ी का आरोप, इस कंपनी की वजह से गिरी गौतम अडानी के शेयर की कीमत

  • Written by: प्रभाष रावत
  • Updated Jan 26, 2023, 12:25 PM IST

Hindenburg accused Adani Group: अडानी एंटरप्राइजेज के ग्रुप सीएफओ जुगशिंदर सिंह ने अपने स्टॉक की कीमतों में भारी गिरावट के बाद एक बयान जारी किया है। उन्होंने इसे गलत सूचना और निराधार के साथ बदनाम आरोपों का दुर्भावनापूर्ण प्रयोग बताया है। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए यहां पर उनकी ओर से कही गई बातों को जान सकते हैं।

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गौतम अडानी

Photo : PTI

हिंडनबर्ग रिसर्च आज सबसे बड़ी ट्रेंडिंग सर्च में से एक बन गया क्योंकि उसने हाल ही में 'स्टॉक हेराफेरी' और 'धोखाधड़ी' को लेकर दुनिया के सबसे धनी समूहों में से एक अडानी ग्रुप पर कुछ आरोप लगाए हैं। यह रिसर्च ग्रुप कौन सा है? अगर आपके मन में भी ये सवाल है तो आपको बता दें कि उनकी वेबसाइट के अनुसार, कंपनी फोरेंसिक वित्तीय रिसर्च में माहिर है और निवेश प्रबंधन इंडस्ट्री में दशकों के अनुभव का दावा करती है। इसके अलावा इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव विश्लेषण को लेकर भी उनको खासा अनुभव है।

नाथन एंडरसन की ओर से स्थापित कंपनी शॉर्ट-सेलिंग लाभहीन 'ब्लैंक-चेक फर्म' और क्रिप्टो कंपनियों की ओर से प्रमुखता से बढ़ी है। कहा जाता है कि जून 2021 में पब्लिश एक प्रोफाइल के अनुसार एंडरसन ने फैक्टसेट नाम की एक वित्तीय सॉफ्टवेयर कंपनी के साथ काम किया। इसके अलावा वाशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क में ब्रोकर डीलर फर्मों में भी काम किया।

उन्होंने हैरी मार्कोपोलोस के साथ भी काम किया है, जिन्होंने बर्नी मैडॉफ की पोंजी योजना को हरी झंडी दिखाई थी और फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि प्लेटिनम पार्टनर्स चेक करने के लिए एक हेज फंड पर $ 1 बिलियन की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था।

हिंडनबर्ग का ट्रैक रिकॉर्ड: वायर एजेंसी ब्लूमबर्ग न्यूज की गणना के अनुसार, हिंडनबर्ग ने 2020 के बाद से लगभग 30 कंपनियों को लक्षित किया है और अगले दिन उनके शेयरों में औसतन लगभग 15 फीसदी की गिरावट आई है। इसके अलावा छह महीने बाद औसतन शेयर 26 प्रतिशत नीचे आ गए।

अडानी ग्रुप के खिलाफ हिंडनबर्ग का दावा: एक विस्तृत रिपोर्ट में, फर्म ने दो साल से ज्यादा समय तक इस विषय पर शोध करने का दावा किया और फर्म ने कहा है कि उसने यूएस-ट्रेडेड बॉन्ड और गैर-भारतीय-ट्रेडेड डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट्स की मदद से अडानी की कंपनियों में शॉर्ट पोजीशन ली थी। इसमें अडानी के भाई विनोद अडानी या उनके करीबी सहयोगियों की ओर से नियंत्रित 38 मॉरीशस शेल संस्थाओं की पहचान की गई। इसके अलावा अन्य टैक्स हेवन में उनकी ओर से नियंत्रित संस्थाओं के साथ भी काम किया गया। फर्म ने कहा कि अपतटीय शेल नेटवर्क का उपयोग कमाई में हेरफेर के लिए किया जाता है।

अडानी एंटरप्राइजेज के ग्रुप सीएफओ जुगशिंदर सिंह ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अपने स्टॉक की कीमतों में आई भारी गिरावट के बाद एक बयान जारी किया और इसे 'चयनात्मक गलत सूचना और निराधार व बदनाम करने वाले आरोपों का दुर्भावनापूर्ण संयोजन करार दिया है।

प्रभाष रावत
प्रभाष रावतauthor

रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक विषयों में विशेष रुचि रखने वाले प्रभाष रावत कुछ-ना-कुछ नया सीखते रहने में विश्वास करते हैं। बीते 5 साल से ज्यादा समय में पत्रकारिता की कई बीट पर काम करने का अनुभव। साथ ही संवाद और लेखन से खुद को व्यक्त करने के अलावा आध्यात्म भी इनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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