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बच्चे के पैदा होने के बाद हेल्थ इंश्योरेंस में कब और कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन?

घर में नन्हे मेहमान के आते ही खुशियों के साथ-साथ उसकी सेहत की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। जानिए बच्चे के जन्म के बाद उसे अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में कब, कैसे और किन आसान स्टेप्स के जरिए जोड़ा जा सकता है।

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बच्चे के पैदा होने के बाद हेल्थ इंश्योरेंस में कब और कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन?

बच्चे के जन्म के समय और उसके तुरंत बाद की चिकित्सीय जरूरतें काफी संवेदनशील और खर्चीली हो सकती हैं। कई बार नवजात शिशुओं को जन्म के बाद आईसीयू (NICU) में रखने या विशेष चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता पड़ जाती है। ऐसे समय में अगर बच्चा माता-पिता की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में कवर नहीं होता, तो अस्पताल का भारी-भरकम बिल परिवार के बजट को बिगाड़ सकता है। इसलिए हर माता-पिता को यह अच्छी तरह पता होना चाहिए कि नए सदस्य को अपनी मौजूदा हेल्थ पॉलिसी में कब और कैसे जोड़ा जा सकता है।

कब जोड़ सकते हैं नवजात बच्चे का नाम?

ज्यादातर भारतीय इंश्योरेंस कंपनियां बच्चे के जन्म के 90 दिनों (3 महीने) के बाद ही उसे रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी या फैमिली फ्लोटर प्लान में जोड़ने की अनुमति देती हैं। 90 दिनों की यह अवधि इसलिए तय की जाती है क्योंकि नवजात शिशु की प्रतिरक्षा प्रणाली शुरुआती महीनों में काफी नाजुक होती है। हालांकि, कई आधुनिक मैटरनिटी कवर वाली पॉलिसियों में नवजात को जन्म के पहले दिन से ही 'न्यूबॉर्न बेबी कवर' (Newborn Baby Cover) के तहत सुरक्षा मिल जाती है। इसके तहत बच्चे के शुरुआती टीकाकरण, जांच और अस्पताल के खर्चों को सीमित सीमा तक कवर किया जाता है।

अपने बच्चे को अपनी मौजूदा पॉलिसी में जोड़ने के लिए आपको बीमा कंपनी को बच्चे के जन्म की आधिकारिक सूचना देनी होती है। आम तौर पर कंपनियां इसके लिए जन्म के 30 से 60 दिनों के भीतर सूचित करने का नियम रखती हैं। इसके बाद आपको एक 'फॉर्म' भरना होता है और बच्चे का आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate), अस्पताल का डिस्चार्ज समरी लेटर और अगर कोई मेडिकल हिस्ट्री रही हो तो उससे जुड़े दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं।

ऐसे भी जोड़ सकते हैं नाम

यदि आपकी मौजूदा पॉलिसी में 'न्यूबॉर्न कवर' की इन-बिल्ट सुविधा नहीं है, तो आप पॉलिसी के रिन्यूअल (Renewal) के समय बच्चे को बतौर नया आश्रित (Dependent) जोड़ सकते हैं। इस दौरान इंश्योरेंस कंपनी बच्चे की कवरेज के लिए अतिरिक्त प्रीमियम (Premium) की मांग कर सकती है, जिसका भुगतान करते ही बच्चे का नाम आपकी पॉलिसी में शामिल कर लिया जाता है।

समय पर बच्चे को हेल्थ इंश्योरेंस में जोड़ने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आगे चलकर बच्चे में किसी बीमारी या जन्मजात स्थिति (Congenital Condition) का पता चलने पर उसे कवरेज मिलने में आसानी होती है। इसलिए अस्पताल से डिस्चार्ज मिलते ही बीमा एजेंट या कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क करके अपने नवजात के इंश्योरेंस रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर देनी चाहिए।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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