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Stock Market: US Fed ने घटाई ब्याज दर फिर भी टूटा भारतीय शेयर बाजार, असल टेंशन है ये, जिससे घबरा गए निवेशक

Indian Stock Market: यूएस में ब्याज दरों में कटौती आम तौर पर शेयर बाजारों (भारतीय शेयर बाजार समेत) के लिए पॉजिटिव रहती है। मगर गुरुवार की सुबह भारतीय शेयर बाज़ारों में भारी बिकवाली देखी गई, शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क सूचकांकों में भारी गिरावट देखी गई।

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अमेरिकी फेड ब्याज दर में कटौती का भारतीय शेयर बाजार पर असर

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • यूएस फेड ने घटाई दरें
  • 0.25 फीसदी की कटौती की
  • भारतीय शेयर पर पड़ा असर

Indian Stock Market: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी प्रमुख ब्याज दरों में एक चौथाई अंक (25 बीपीएस या 0.25 फीसदी) की कटौती का ऐलान कर दिया। यह 2024 में फेड द्वारा की गई ब्याज दर में तीसरी कटौती थी। ताजा कटौती से फेड की टारगेट रेट 4.25% और 4.5% की रेंज तक घट गयी है। हालांकि अमेरिकी शेयर बाजार के निवेशकों ने इस कटौती पर निगेटिव रेस्पॉन्स दिया। दरअसल कल अमेरिकी शेयर बाजार में कमजोरी आई। डॉलर दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया और ट्रेजरी यील्ड में भी उछाल आया। यूएस फेड का ब्याज दरें घटाने का भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर पड़ेगा, जानते हैं।

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भारतीय शेयर बाजार पर असर

यूएस में ब्याज दरों में कटौती आम तौर पर शेयर बाजारों (भारतीय शेयर बाजार समेत) के लिए पॉजिटिव रहती है। मगर गुरुवार की सुबह भारतीय शेयर बाज़ारों में भारी बिकवाली देखी गई, शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क सूचकांकों में भारी गिरावट देखी गई।

भारत समेत वैश्विक बाज़ारों में भारी बिकवाली देखी जा री है, क्योंकि फेड प्रमुख ने 2025 में ब्याज दरों में उम्मीद से कम कटौती की चेतावनी दी, जिससे निवेशकों ने चिंता है। करीब साढ़े 10 बजे सेंसेक्स 858 अंक गिरकर 79,324.32 पर और निफ्टी 241.75 अंक गिर कर 23,957.10 पर है।

रेट कट के बावजूद बॉन्ड यील्ड में उछाल

अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की, लेकिन फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की अगले साल धीमी दर कटौती की चेतावनी ने अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में 4.5% से अधिक की बढ़ोतरी की।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर बॉन्ड यील्ड में तेजी जारी रही तो 2025 के करीब आते-आते अमेरिकी बाजार में और गिरावट आ सकती है। इसका भारतीय बाजारों पर भी निगेटिव असर पड़ेगा। वहीं मुद्रास्फीति वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख चिंता बनी हुई है।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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