Zero GST List: मोदी सरकार 22 सितंबर से आम जनता को बड़ी राहत देने जा रही है। कई जरूरी वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स यानी जीएसटी जीरो हो जाएगी। जिससे कई चीजों की कीमतों में गिरावट आएगी यानी सस्ती हो जाएगी। यह कदम खासतौर पर मिडिल क्लास और कम आय वर्ग के लोगों के लिए बड़ी राहत होगी। सरकार के इस ऐलान से खाद्य वस्तुओं, दवाइयों, और कुछ जरूरी घरेलू सामानों पर जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि अब इन वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, जिससे उनकी कीमतें कम हो जाएंगी। इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों को मिलेगा, जो आमतौर पर टैक्स की वजह से महंगाई का ज्यादा असर महसूस करते हैं। तो आइए जानते वो कौन से समान हैं, जिन पर जीरो टैक्स लगेगा।
| सामान | पहले GST (प्रतिशत में) | अब GST (प्रतिशत में) |
| रोटी, चपाती, खाखरा | 5% | 0% |
| पराठा, परोट्टा, अन्य भारतीय ब्रेड | 18% | 0% |
| अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (UHT) दूध | 5% | 0% |
| छेना या पनीर (प्री-पैकेज्ड और लेबल्ड) | 5% | 0% |
| पिज्जा ब्रेड | 5% | 0% |
| इरेजर | 5% | 0% |
| बिना कोटेड कागज और पेपरबोर्ड (एक्सरसाइज बुक, ग्राफ बुक, लैब नोटबुक और नोटबुक के लिए) | 12% | 0% |
| पेंसिल, क्रेयॉन, पेस्टल, चॉक | 12% | 0% |
| शैक्षिक सेवाएं (निजी ट्यूशन, कक्षा 12 तक के कोचिंग सेंटर) | 18% | 0% |
| वोकेशनल प्रशिक्षण संस्थान और कौशल विकास पाठ्यक्रम | 18% | 0% |
| कांच की चूड़ियां (सोना/चांदी के बिना) | 12% | 0% |
| चैरिटेबल अस्पताल सेवाएं और ट्रस्ट (स्वास्थ्य, शिक्षा) | 12% | 0% |
| बीमा प्रीमियम (जीवन, स्वास्थ्य, सामान्य बीमा) | 18% | 0% |
| दवाएं और औषधियां (अगाल्सिडेज बीटा, इमिग्लुसेरेज, एप्टाकोग अल्फा) | 5% | 0% |
| 33 और जीवन रक्षक दवाएं और औषधियां | 12% | 0% |
खाने की वस्तुओं में चावल, दालें, आटा, और ताजा सब्जियों पर टैक्स खत्म किया गया है। इसके अलावा, दवाओं में भी कुछ अहम दवाओं को टैक्स-फ्री कर दिया गया है, ताकि मेडिकल खर्चों में कमी आए और हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। घरेलू उपयोग की वस्तुओं जैसे कि बिजली के सामान, सोलर लाइट्स और पानी के फिल्टर पर भी टैक्स हटाया गया है।
सरकार का यह फैसला महंगाई को नियंत्रित करने और लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एक्सपर्ट का मानना है कि इस बदलाव से बाजार में प्रतियोगिता बढ़ेगी और कीमतों में स्थिरता आएगी। गौर हो कि यह टैक्स छूट केवल कुछ निश्चित वस्तुओं पर लागू होगी, जबकि लक्जरी आइटम्स और अन्य गैर-जरूरी वस्तुओं पर टैक्स पहले की तरह ही जारी रहेगा। 22 सितंबर से शुरू होने वाली इस योजना से लाखों लोगों को सीधे लाभ मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
