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Buy Now Pay Later और क्रेडिट कार्ड में क्या है बड़ा अंतर? शॉपिंग से पहले दूर करें कंफ्यूजन

अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो आपने BNPL और क्रेडिट कार्ड के ऑप्शन जरूर देखे होंगे, जिससे तुरंत पैसा नहीं देना पड़ता है। लेकिन दोनों का ही इस्तेमाल करने से पहले ये जान लेना चाहिए कि क्या बेहतर है।

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BNPL vs credit card

अगर आपको शॉपिंग करने का शौक है, तो आपको यह बखूबी पता होगा कि आज के डिजिटल दौर में जेब में पैसे न होने पर भी आसानी से खरीदारी की जा सकती है। बाजार में इसके लिए कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं, जिनमें 'बाय नाउ, पे लेटर' (BNPL) और 'क्रेडिट कार्ड' सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। ये दोनों ही सुविधाएं आपको इस बात की आजादी देती हैं कि आप सामान अभी खरीद लें और उसका भुगतान बाद में करें। लेकिन, ऊपर से एक जैसे दिखने वाले इन दोनों विकल्पों के काम करने का तरीका, उन पर लगने वाली लागत और उनके फायदे एक-दूसरे से काफी अलग हैं। इसलिए, अगली बार ऑनलाइन या ऑफलाइन शॉपिंग के लिए अपना हाथ बढ़ाने से पहले इन दोनों का अंतर समझना बेहद जरूरी है, ताकि आप अपनी जेब के हिसाब से सही फैसला ले सकें।

क्या है BNPL?

सबसे पहले बात करते हैं बीएनपीएल (BNPL) की। जैसा कि इसके नाम से ही साफ है 'अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें'। यह एक तरह का छोटा और तुरंत मिलने वाला डिजिटल लोन है। इसके जरिए आप किसी भी ई-कॉमर्स वेबसाइट या दुकान से तुरंत सामान खरीद सकते हैं और उसकी कीमत कुछ दिनों बाद एक साथ या फिर छोटी-छोटी आसान किस्तों (EMIs) में चुका सकते हैं। BNPL की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर आप तय समय के भीतर (आमतौर पर 15 से 30 दिन) पूरा पैसा चुका देते हैं, तो कंपनियां आपसे एक रुपया भी ब्याज नहीं लेती हैं। लेकिन, अगर आप समय पर भुगतान करना चूके, तो आपको भारी-भरकम लेट फीस और कड़ा ब्याज दोनों देना पड़ सकता है।

दूसरी तरफ, क्रेडिट कार्ड बैंकों द्वारा दी जाने वाली एक पारंपरिक और बेहद मजबूत क्रेडिट सुविधा है। बैंक आपकी कमाई और साख के आधार पर आपके कार्ड की एक लिमिट तय करता है, जिसके भीतर आप महीने भर खर्च कर सकते हैं। इसके बाद एक निश्चित तारीख को आपका बिल बनता है और उसे चुकाने के लिए आपको करीब 20 से 50 दिनों का ब्याज-मुक्त समय (Grace Period) मिलता है। अगर आप इस दौरान अपने बिल का पूरा भुगतान कर देते हैं, तो आपको कोई ब्याज नहीं देना होता। लेकिन, अगर आप सिर्फ 'मिनिमम ड्यू' (न्यूनतम देय राशि) भरकर छोड़ देते हैं या पेमेंट में देरी करते हैं, तो बैंक आपसे सालाना 36% से 42% तक का भारी ब्याज वसूल सकता है।

दोनों में क्या है फर्क?

वैसे तो दोनों का मकसद आपकी खरीदारी को आसान बनाना है, लेकिन इनके उपयोग का दायरा अलग है। BNPL आमतौर पर छोटी-मोटी खरीदारी, जैसे—कपड़े, ग्रोसरी या गैजेट्स के लिए और कम समय के लिए सही माना जाता है। इसे एक्टिवेट करना भी बहुत आसान होता है। इसके उलट, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आप रोजमर्रा के खर्चों से लेकर इंटरनेशनल ट्रेवल, होटल बुकिंग और बड़े भुगतानों के लिए कर सकते हैं। इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस पर आपको शानदार रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक, एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस और कई तरह के डिस्काउंट ऑफर्स मिलते हैं, जो आमतौर पर BNPL में देखने को नहीं मिलते। साथ ही, क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल आपकी क्रेडिट हिस्ट्री (CIBIL Score) को मजबूत बनाता है, जिससे भविष्य में होम लोन या कार लोन मिलना आसान हो जाता है।

आपके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर है?

अगर आपको कभी अचानक किसी छोटी रकम की खरीदारी करनी है, आपके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है और आप बिना किसी ब्याज के उसे अगले महीने चुका सकते हैं, तो BNPL आपके लिए एक बेहद आसान और झंझट-मुक्त जरिया है। वहीं, अगर आप नियमित रूप से डिजिटल लेनदेन करते हैं, अपनी क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत बनाना चाहते हैं और खरीदारी के साथ-साथ रिवॉर्ड्स और कैशबैक का फायदा भी उठाना चाहते हैं, तो क्रेडिट कार्ड आपके लिए हर मामले में एक ज्यादा फायदेमंद और समझदारी भरा सौदा साबित होगा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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