H-1B Visa अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों को विशेष कौशल वाली नौकरियों में अस्थायी रूप से काम करने की अनुमति देता है। इसका इस्तेमाल खासतौर पर IT, इंजीनियरिंग, साइंस और तकनीकी क्षेत्रों में होता है। इस वीजा के लिए आमतौर पर अमेरिकी कंपनी को कर्मचारी की ओर से आवेदन करना पड़ता है। नौकरी के लिए संबंधित क्षेत्र में विशेष ज्ञान और आमतौर पर बैचलर डिग्री या उसके बराबर योग्यता की जरूरत होती है। H-1B की शुरुआती अवधि अधिकतम तीन साल हो सकती है और सामान्य परिस्थितियों में इसे बढ़ाकर कुल छह साल तक किया जा सकता है। कुछ विशेष परिस्थितियों में इससे अधिक समय तक भी विस्तार संभव है। हालांकि, H-1B मिलने का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारी को अमेरिका में हमेशा रहने का अधिकार मिल गया है।
PERM क्या है और इसकी जरूरत क्यों पड़ती है?
PERM का पूरा नाम Program Electronic Review Management है। यह अमेरिकी श्रम विभाग की स्थायी लेबर सर्टिफिकेशन प्रक्रिया है। जब कोई अमेरिकी कंपनी किसी विदेशी कर्मचारी को स्थायी नौकरी पर रखना चाहती है, तो कई मामलों में उसे पहले PERM प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। इसमें कंपनी को यह साबित करना होता है कि संबंधित नौकरी के लिए योग्य अमेरिकी कर्मचारी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं और विदेशी कर्मचारी को नौकरी देने से अमेरिकी कर्मचारियों की सैलरी तथा काम करने की परिस्थितियों पर गलत असर नहीं पड़ेगा।
इस प्रक्रिया में कंपनी को नौकरी के लिए जरूरी वेतन तय करना, भर्ती से जुड़े आवश्यक कदम पूरे करना और फिर आवेदन जमा करना होता है। PERM की मंजूरी मिलने के बाद आमतौर पर कंपनी कर्मचारी के लिए I-140 इमिग्रेशन याचिका दाखिल करती है। ध्यान रखें कि हर Green Card श्रेणी में PERM जरूरी नहीं होता।
Green Card क्या होता है?
Green Card अमेरिका में स्थायी निवासी बनने का प्रमाण है। इसे पाने के बाद व्यक्ति वहां स्थायी रूप से रह सकता है और अधिकृत नियमों के तहत काम कर सकता है। रोजगार के आधार पर Green Card पाने के लिए EB-2 और EB-3 जैसी श्रेणियां मौजूद हैं। पात्रता के अनुसार, कुछ आवेदनों में अमेरिकी कंपनी का प्रायोजन और PERM की मंजूरी जरूरी होती है, जबकि कुछ श्रेणियों में अलग नियम लागू होते हैं।
रोजगार के आधार पर आवेदन में आमतौर पर PERM की मंजूरी, जरूरत पड़ने पर I-140 की स्वीकृति और फिर वीजा उपलब्ध होने पर स्थायी निवास के लिए आवेदन या विदेश में इमिग्रेंट वीजा की प्रक्रिया शामिल हो सकती है। भारतीय आवेदकों को अपनी श्रेणी और प्राथमिकता तारीख के अनुसार वीजा उपलब्ध होने का इंतजार भी करना पड़ सकता है।
H-1B, PERM और Green Card में मुख्य अंतर
आसान शब्दों में समझें तो H-1B अमेरिका में अस्थायी नौकरी करने का रास्ता है, PERM कई रोजगार-आधारित Green Card आवेदनों का एक चरण है और Green Card स्थायी निवास का अधिकार देता है। H-1B पर काम करने वाला हर व्यक्ति अपने आप Green Card का पात्र नहीं बन जाता। इसके लिए नौकरी, योग्यता, कंपनी के प्रायोजन और इमिग्रेशन नियमों के अनुसार अलग आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
इसलिए अमेरिका में नौकरी करने की योजना बनाते समय अपने वीजा की शर्तें, कंपनी की Green Card प्रायोजन नीति और संबंधित श्रेणी की पात्रता पहले समझ लें। इमिग्रेशन नियम बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले अमेरिकी सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी जरूर जांचें।
