What Is Special Dividend: अकसर लिस्टेड कंपनियां डिविडेंड देती हैं, जिससे निवेशकों को बैठे-बैठे फायदा होता है। पर कभी-कभी कंपनियां स्पेशल डिविडेंड देती हैं, जो किसी खास मौके या वजह से दिया जाता है। स्पेशल डिविडेंड, जिसे एक्स्ट्रा डिविडेंड भी कहा जाता है, ये एक नॉन-रिकरिंग, "लम्पसम" डिविडेंड होता है जो किसी कंपनी द्वारा अपने शेयरधारकों को आम तौर पर स्पेशल रेवेन्यू मिलने पर दिया जाता है। यह सामान्य डिविडेंड से अलग होता है और आम तौर पर कंपनी के सामान्य डिविडेंड से काफी अधिक होता है। आप सोचेंगे कि स्पेशल डिविडेंड से एक साथ बड़ा फायदा हो सकता है। मगर असल में स्पेशल डिविडेंड से एक चवन्नी का भी फायदा नहीं होता। इसकी एक वजह है, जिसकी जानकारी हम आगे देंगे।
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क्यों नहीं होता फायदा
दरअसल जब किसी कंपनी को अलग से कोई रेवेन्यू हासिल होता है तो वो स्पेशल डिविडेंड देती है। मगर जितना वो डिविडेंड देती है, उतनी ही कंपनी के शेयर की मार्केट वैल्यू घट जाती है। इससे निवेशकों को 1 रु का भी फायदा नहीं होता।
एस्टर डीएम ने दिया स्पेशल डिविडेंड
एस्टर डीएम ने हाल ही में अपने भारत और जीसीसी (Gulf Cooperation Council या बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात) कारोबार को अलग करने का फैसला लिया था, जिसके तहत एफिनिटी होल्डिंग्स लिमिटेड (कंपनी की सब्सिडियरी कंपनी) को 90.76 करोड़ डॉलर (7537.90 रु) का कैश मिला।
इसके बाद कंपनी ने 118 रु प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड देने का ऐलान किया। मगर हुआ ये कि इतना ही प्राइस इसके शेयर का घट गया। 23 अप्रैल को इसके शेयर की एक्स-डिविडेंड डेट थी। 22 अप्रैल को शेयर का दाम 513.90 रु था। वहीं 23 अप्रैल को शेयर का दाम 118 रु घट कर खुला। यानी अंत में निवेशकों को कोई फायदा नहीं हुआ।
शेयर में आई गिरावट
स्पेशल डिविडेंड के लालच में निवेशकों ने एस्टर डीएम के शेयर खरीदे और शेयर में गिरावट के चलते वे इसमें फंस गए। अभी शेयर का दाम 375 रु है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर स्पेशल डिविडेंड की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
