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बजट पर चाय एसोसिएशन ने दी प्रतिक्रिया, जानें क्या बोला

Budget 2026: टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएआई) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत किया है। संगठन ने इसे “विकसित भारत” की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी बजट बताया। टीएआई के अनुसार, यह बजट वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ देश के दीर्घकालिक विकास के लिए स्पष्ट रोडमैप भी पेश करता है।

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बजट पर चाय एसोसिएशन ने क्या बोला (तस्वीर-istock)

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Budget 2026 : टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएआई) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत किया है। संगठन ने इसे “विकसित भारत” की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी बजट बताया है। टीएआई का कहना है कि यह बजट न केवल वर्तमान जरुरतों को ध्यान में रखता है, बल्कि देश के लॉन्ग टर्म विकास के लिए भी स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।

युवाओं और प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान

आईएएनएस के मुताबिक टीएआई के महासचिव पी. के. भट्टाचार्जी ने कहा कि इस बजट में युवा शक्ति को सशक्त बनाने पर खास जोर दिया गया है। इसके साथ ही कृषि, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम), बुनियादी ढांचा, पर्यटन और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मजबूती देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। उनके अनुसार, ये सभी क्षेत्र देश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ हैं।

कृषि क्षेत्र के लिए समग्र और तकनीक आधारित दृष्टिकोण

कृषि से जुड़ी पहलों की सराहना करते हुए भट्टाचार्जी ने कहा कि बजट किसानों की आय बढ़ाने के लिए तकनीक के बेहतर उपयोग, संसाधनों के कुशल प्रबंधन और फसल विविधीकरण पर आधारित है। यह एक समग्र दृष्टिकोण अपनाता है, जिससे किसानों को लंबे समय तक लाभ मिल सके।

‘भारत-विस्तार’ कृषि सलाह मंच का स्वागत

टीएआई ने बजट में घोषित ‘भारत-विस्तार’ नामक बहुभाषी और एआई-संचालित कृषि सलाह मंच की शुरुआत का विशेष रूप से स्वागत किया है। यह मंच एग्रीस्टैक और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की आधुनिक कृषि पद्धतियों को एक साथ जोड़ता है। यह प्लेटफॉर्म किसानों को क्षेत्र-विशेष और जरूरत के अनुसार सलाह देगा, जिससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी। साथ ही, यह डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद करेगा और जलवायु परिवर्तन तथा फसल विफलता से जुड़े जोखिमों को कम करने में सहायक होगा।

चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना का विस्तार

चाय उद्योग ने वित्त मंत्री के प्रति आभार जताया है कि प्रधानमंत्री चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एक और साल बढ़ाया गया है। यह योजना पहले वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए 1,000 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ शुरू की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य असम और पश्चिम बंगाल में चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों, खासकर महिलाओं और उनके बच्चों, के कल्याण को बढ़ावा देना है।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बल

भट्टाचार्जी ने कहा कि योजना के विस्तार से चाय बागान क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े हस्तक्षेपों को आगे भी जारी रखा जा सकेगा। इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार होगा।

चाय बागान श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रावधान

टीएआई ने डिमांड फॉर ग्रांट्स के तहत असम में चाय बागान श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए किए गए बजटीय प्रावधानों का भी स्वागत किया है। इनमें असम चाय बागान भविष्य निधि एवं पारिवारिक पेंशन और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा अधिनियम के तहत आने वाले श्रमिकों के लिए परिवार पेंशन और जीवन बीमा लाभ शामिल हैं। भट्टाचार्जी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अंशदान और प्रशासनिक शुल्क की प्रतिपूर्ति से चाय श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

एमएसएमई और स्टार्टअप्स को मिलेगा नया सहारा

एमएसएमई और स्टार्टअप्स पर बजट के फोकस की सराहना करते हुए भट्टाचार्जी ने कहा कि 10,000 करोड़ रुपये के एमएसएमई ग्रोथ फंड की घोषणा एक बड़ा कदम है। इससे एमएसएमई सेक्टर को इक्विटी समर्थन मिलेगा और विस्तार की क्षमता रखने वाली इकाइयां आगे चलकर ‘चैंपियन एमएसएमई’ के रूप में उभर सकेंगी।

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रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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