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शादी हो या जन्मदिन, गिफ्ट में दें म्यूचुअल फंड यूनिट्स! SEBI का नया प्लान बदलेगा गिफ्टिंग का ट्रेंड

मार्केट रेगुलेटर सेबी ​गिफ्टिंग की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। सेबी की तैयारी गिफ्ट में म्यूचुअल फंड यूनिट्स देने की है। इसके लिए सेबी काम कर रहा है और लोगों से सुझाव मांगे गए हैं। अगर ऐसा होता है तो जल्द ही आप गिफ्ट में अपने दोस्त या रिश्तेदार को एमएफ गिफ्ट कर पाएंगे।

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म्यूचुअल फंड यूनिट्स गिफ्टिंग

शादी या जन्मदिन, हम अपने दोस्त-रिश्तेदार को तरह-तरह के गिफ्ट देते हैं। गिफ्ट में सोने-चांदी से लेकर कैश शामिल होता है। लेकिन जल्द ही आप अपने चहेतों को गिफ्ट में म्यूचुअल फंड यूनिट्स दे पाएंगे। पूंजी बाजार नियामक इसकी तैयारी कर रहा है। सेबी ने मंगलवार को म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए गिफ्ट कार्ड या गिफ्ट प्रीपेड भुगतान कार्ड (PPI) शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य नए निवेशकों को शामिल करके वित्तीय समावेश को बढ़ावा देना है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि इसके तहत, गिफ्ट पीपीआई का खरीदार इसे किसी प्राप्तकर्ता को उपहार में दे सकता है, जो इसका उपयोग म्यूचुअल फंड यूनिट खरीदने के लिए कर सकता है।

50 हजार तक ही होगी लिमिट

इन PPI में निवेश केवल भारतीय बैंक खाते से इलेक्ट्रॉनिक बैंक ट्रांसफर (यूपीआई) के माध्यम से किया जा सकेगा। इनकी वैधता जारी होने की तारीख से एक वर्ष तक रहेगी। सेबी ने गिफ्ट पीपीआई के माध्यम से किए गए निवेश के लिए प्रति निवेशक प्रति वित्त वर्ष 50,000 रुपये की सीमा का सुझाव दिया है। नियामक ने कहा कि संपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) की ओर से आरटीए (रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट) प्रत्येक निवेशक द्वारा प्रति वित्त वर्ष में प्रति एएमसी गिफ्ट पीपीआई, ई-वॉलेट और नकद के माध्यम से किए गए निवेश की राशि पर नजर रखेंगे। यदि गिफ्ट पीपीआई भुनाकर होने वाला लेनदेन 50,000 रुपये से अधिक हो जाता है, तो आरटीए लेनदेन को अस्वीकार कर देगा और पीपीआई का अंकित मूल्य जारीकर्ता के एस्क्रो खाते में वापस कर दिया जाएगा।

14 अप्रैल तक सुझाव मांगे गए

परंपरागत रूप से, गिफ्ट कार्ड और प्रीपेड समाधान का उपयोग खुदरा खरीदारी में किया जाता रहा है और समय के साथ डिजिटल भुगतान, त्वरित डिलिवरी और बेहतर सुरक्षा के कारण इनका उपयोग बढ़ा है। सेबी को एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) से म्यूचुअल फंड इकाइयों में निवेश के साधन के रूप में गिफ्ट पीपीआई की अनुमति देने पर विचार करने के प्रस्ताव मिले थे। उस पर गौर करने के बाद सेबी ने परामर्श पत्र जारी किया है। सेबी के अनुसार, "गिफ्ट कार्ड/गिफ्ट पीपीआई से म्यूचुअल फंड क्षेत्र में नए निवेशकों को शामिल करके वित्तीय समावेश में सुधार होने की उम्मीद है।" बाजार नियामक ने 14 अप्रैल तक प्रस्तावों पर जनता से सुझाव मांगे हैं।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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