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त्योहारों में सोना खरीदते वक्त अक्सर हम कर बैठते हैं ये छोटी-छोटी गलतियां, ऐसे बचें और करें बड़ी बचत

त्योहारी सीजन चल रहा है। इस दौरान काफी लोग सोना और चांदी के गहने या सिक्के खरीदते हैं। अभी से लेकर धनतेरस और दिवाली तक सोने और चांदी की जबरदस्त मांग रहती है। अगर आप भी सोने की खरीदारी करने जा रहे हैं तो कुछ बातों का खास ख्याल रखें।

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गोल्ड

त्योहारों में गोल्ड खरीदने की खुशी और उत्साह में अक्सर हम कई छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं और बाद में पछताते रहते हैं। अगर आप भी धनतेरस और दिवाली पर सोने के गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ बातों का खास ख्याल रखें। आप ऐसा करेंगे न सिर्फ अपनी गाढ़ी कमाई को बचाएंगे, बल्कि बड़ी बचत भी करेंगे। आइए जानते हैं कि सोने की खरीदारी के वक्त कितन छोटी-छोटी गलतियों से बचना चाहिए।

गोल्ड की खरीद पर बहुत ज्यादा खर्च

गोल्ड खरीदते हुए यह याद रखना बहुत जरूरी है कि यह कोई डिविडेंड या लगातार कैश देने वाला एसेट नहीं है। यानी इस पर निवेश किए गए पैसों से कोई रेगुलर इनकम नहीं होगी। ऐसे में कुल इन्वेस्टमेंट का सिर्फ 5 फीसदी ही गोल्ड पर खर्च करना सही रहता है।

गलत जगह से खरीदारी करना

किसी भी नए लोगों के लिए यह सबसे सामान्य गलती है। अगर आपको मालूम नहीं है कि कॉमन बुलियन सिक्के कैसे दिखते हैं, तो इस बात की पूरी आशंका रहेगी कि आप नुकसान कर सकते हैं। इसलिए सिक्के हमेशा विश्वसनीय दुकानों से और ज्वैलरी हमेशा हॉलमार्क निशान वाली ही खरीदें।

जरूरत पर फोकस न होना

अगर आप निवेश के लिए गोल्ड खरीदने की सोच रहे हैं, तो अपनी जरूरत पर फोकस करें। कई बार लोग दोस्तों और रिश्तेदारों को इम्प्रेस करने के लिए भी सोने की खरीदारी कर लेते हैं, जिससे जेब पर जबरन और फालतू बोझ पड़ता है। इससे बचने के लिए आप अपनी जरूरत या बजट को देखें। निवेश के लिए गहने की जगह सोने के सिक्के खरीदें। इस पर आपको कम मेकिंग चार्ज देना होगा। सोना महंगा होने के बाद ज्वैलर्स 0.5 ग्राम के सिक्के भी बेच रहे हैं।

गोल्ड इन्वेस्टमेंट के कई विकल्प उपलब्ध

मार्केट में गोल्ड में इन्वेस्टमेंट के कई विकल्प उपलब्ध हैं। इसका फायदा उठाकर आप कम बजट में भी गोल्ड खरीद सकते हैं। आइए जानते हैं क्या-क्या विकल्प उपलब्ध है।

गोल्ड ईटीएफ

गोल्ड ईटीएफ एक म्यूचुअल फंड स्कीम हैं, जो सिर्फ गोल्ड में ही इन्वेस्ट करते हैं। ऐसे में लंबे वक्त तक गोल्ड होल्ड करने और लिक्विडिटी के लिहाज से यह बेहतर ऑप्शन है। इसमें आपके पास गोल्ड फिजिकल के बजाय इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में होता है।

इक्विटी बेस्ड गोल्ड फंड्स

ये भी म्यूचुअल फंड स्कीम हैं, जो सीधे गोल्ड में इनवेस्ट करने के बजाय उन कंपनियों के शेयरों में इनवेस्ट करते हैं, जो गोल्ड बिजनेस, जैसे माइनिंग, एक्सट्रैक्शन, प्रोसेसिंग और गोल्ड मेकिंग से जुड़ी हुई हैं।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स की नई सीरीज नहीं आ रही है लेकिन सेकेंडरी मार्केट में यह उपलब्ध है। आप सॉवरेन गोल्ड के जरिये भी गोल्ड में निवेश कर सकते हैं।

कौन-सा इन्वेस्टमेंट बेहतर

अगर आप खालिस इन्वेस्टमेंट के लिहाज से गोल्ड लेना चाहते हैं तो बेहतर है कि इलेक्ट्रॉनिक रूप में लें।

ज्वैलरी खरीदते हुए बरतें ये सावधानियां

  • शुद्धता का ख्याल रखें
  • हॉलमार्क की जांच करें
  • जेम स्टोन की शुद्धता भी जांचें
  • प्योरिटी सर्टिफिकेट लेना न भूलें
Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

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